

UP Government Bus Stations Rejuvenation: उत्तर प्रदेश में सरकारी बस स्टेशनों को अत्याधुनिक बनाने व उनके विकास पर 1100 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश होगा। प्रदेश की योगी सरकार शहरों की बेशकीमती जमीनों पर बने हुए उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम के बस स्टेशनों का बड़े पैमाने पर कायाकल्प करने जा रही है।
बस स्टेशनों को नया रूप देने के लिए निजी कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। परिवहन निगम ने निजी निवेशकों को आमंत्रण देते हुए 18 आधुनिक बस स्टेशनों के विकास को लेकर निविदाएं मांगी हैं। निगम के मुताबिक निजी सार्वजनिक सहभागिता (पीपीपी) मॉडल पर प्रदेश में 18 प्रीमियम बस स्टेशन बनेंगे और इस परियोजना में 1,100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना है।
उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि परिवहन निगम ने पीपीपी मॉडल के तहत फेज-2 में प्रदेश के 18 आधुनिक प्रीमियम बस स्टेशनों एवं वाणिज्यिक परिसरों के विकास के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। इसके जरिए निवेशकों को परिवहन अवसंरचना के साथ-साथ रिटेल, होटल, फूड कोर्ट, ऑफिस स्पेस, मल्टीप्लेक्स और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में निवेश का अवसर मिलेगा।
इस बार अकबरपुर, अमेठी, बदायूं, भिनगा, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, गोला, सिधौली, माती, उन्नाव, हैदरगढ़, नहटौर, सराय अकिल, बादशाहपुर, तरवा, पीलीभीत और निचलौल में बने सरकारी बस स्टेशनों के विकास व साजसज्जा के लिए निविदाएं मांगी गयी हैं।
परिवहन मंत्री के मुताबिक इन परियोजनाओं में 1,100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावनाएं हैं। प्रस्तावित बस स्टेशन आधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त होने के साथ शहरों के प्रमुख एवं व्यावसायिक स्थानों पर विकसित किए जाने की योजना है।
इससे बस यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ संबंधित शहरों में आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। निगम अधिकारियों ने बताया कि योजना की प्रमुख विशेषताओं में 90 वर्ष तक की कंसेशन अवधि शामिल है।
निवेशकों के लिए दीर्घकालिक एवं स्थिर व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परियोजनाओं में कॉमर्शियल स्पेस विकसित किए जाएंगे। इससे बस स्टेशन केवल आवागमन के केंद्र न रहकर आधुनिक ट्रांजिट-कमर्शियल हब के रूप में विकसित हो सकेंगे।