

Highlights:
दिवाली से पहले बुझ गए घर के दो दीप
कई दिनों तक बर्फ में दबे रहे वर्तिका और दीपिका के शव
उत्तराखंड हिमस्खलन हादसे में छह ट्रैकर्स की मौत की पुष्टि
अन्य लापता लोगों की तलाश जारी
Lucknow Sisters Death In Kedartal Avalanche: दिवाली से पहले घर में रोशनी और खुशियों की तैयारी थी, लेकिन किसे पता था कि इस बार परिवार के दो दीप हमेशा के लिए बुझ जाएंगे। वर्तिका और दीपिका के शव घर पहुंचे तो अपनों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गमगीन हो गया। कई दिनों तक बर्फ में दबे रहने के बाद दोनों बहनों के शव बरामद हुए। उत्तराखंड में अब तक छह ट्रैकर्स की मौत की पुष्टि, अन्य लापता लोगों की तलाश जारी।
जिस घर में दिवाली पर रोशनी करने की तैयारियां होनी थीं, वहां अब मातम पसरा है। जिन दो बेटियों के आने से घर में रौनक रहती थी, गुरुवार को उनकी पार्थिव देह घर पहुंची तो परिवार की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं। उत्तराखंड के केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन की चपेट में आकर जान गंवाने वाली लखनऊ की सगी बहनें वर्तिका वर्मा और दीपिका वर्मा अब अपने घर लौट आई हैं, लेकिन ऐसी हालत में जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। दोनों बेटियों के शव देखते ही परिजन बिलख पड़े। आसपास के लोग भी इस दर्दनाक मंजर को देखकर भावुक हो गए।
दिवाली से ठीक पहले हुए इस हादसे ने परिवार को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी। घर में त्योहार की रोशनी होने वाली थी, लेकिन परिवार के दो दीप हमेशा के लिए बुझ गए। एक साथ घूमने और ट्रैकिंग पर निकली दोनों बहनों का इस तरह एक साथ लौटना पूरे परिवार के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा दुख बन गया।
लखनऊ के गायत्रीपुरम की रहने वाली वर्तिका और दीपिका 27 अक्टूबर को उत्तराखंड के केदारताल ट्रैक पर हुए हिमस्खलन की चपेट में आ गई थीं। दोनों एक निजी ट्रैकिंग एजेंसी के 12 सदस्यीय दल के साथ ट्रैकिंग पर गई थीं। इसी दौरान अचानक मौसम बिगड़ा और भारी बर्फबारी के बीच दल हादसे का शिकार हो गया। हादसे के बाद से ही सभी सदस्यों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा था।
कई दिनों तक बर्फ में दबे रहने के बाद रेस्क्यू टीम ने दोनों बहनों के शव बरामद किए। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार के लोग उत्तराखंड पहुंचे और दोनों की पार्थिव देह लेकर लखनऊ लौटे। गुरुवार को जब शव घर पहुंचे तो परिवार के लोगों का धैर्य जवाब दे गया। घर का माहौल चीख-पुकार और आंसुओं से भर गया।
वर्तिका और दीपिका दोनों अपनी जिंदगी में आगे बढ़ रही थीं और अपने काम से अलग पहचान बना रही थीं। वर्तिका सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर थीं। इंस्टाग्राम पर उनके करीब छह हजार फॉलोअर्स थे। वहीं छोटी बहन दीपिका एक अमेरिकी कंपनी से जुड़ी थीं और डिजाइनर के तौर पर काम कर रही थीं। दोनों बहनों के अपने सपने थे, अपनी दुनिया थी और जिंदगी को लेकर कई योजनाएं थीं, लेकिन केदारताल में आए हिमस्खलन ने सब कुछ छीन लिया।
उधर, उत्तरकाशी में हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। अब तक इस हादसे में छह ट्रैकर्स की मौत की पुष्टि हो चुकी है। अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं। एक ओर उत्तराखंड में बचाव दल की कोशिशें जारी हैं, वहीं लखनऊ में एक परिवार अपनी दो बेटियों को खोने के गम में डूबा है।