मानसून सत्र या महज औपचारिकता? अखिलेश यादव ने खोल दी BJP की रणनीति की पोल, कहा- गिने-चुने दिन की सरकार...

Akhilesh Yadav Press Conference: यूपी विधानसभा सत्र से पहले अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर बोला हमला है। उन्होंने दावा किया कि सरकार का कार्यकाल अब 'गिनती के दिनों' में है।
Monsoon Session or mere formality? Akhilesh Yadav exposes the BJP's strategy, says the government has only a few days left...
अखिलेश यादव (सोर्स- IANS)
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UP Assembly Monsoon Session 2026: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से एक दिन पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर चौतरफा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि सरकार का कार्यकाल अब 'गिनती के दिनों' में है और यही वजह है कि विधानसभा सत्र भी केवल चार दिनों का रखा गया है। उन्होंने कहा कि सपा सदन में राम मंदिर चढ़ावा चोरी, सरकारी स्कूलों के विलय, छात्र आंदोलन, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और भ्रष्टाचार जैसे समसामयिक मुद्दों पर सरकार को घेरेगी। रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार विधानसभा के छोटे सत्र के जरिए केवल औपचारिकता निभा रही है।

चार दिन के विधानसभा सत्र पर कसा तंज

अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि पहला दिन श्रद्धांजलि, दूसरा दिन अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जिम्मेदारी से बचने, तीसरा दिन प्रयागराज समेत प्रदेश में छात्रों के आंदोलनों से निपटने और चौथा दिन हालिया विवादों से बचते हुए सत्र समाप्त करने में बीत जाएगा।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के विधायक सदन में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बिजली दरों में बढ़ोतरी, एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता, किसानों की बदहाली, शिक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और जौहर विश्वविद्यालय का मामला भी सपा प्रमुखता से उठाएगी।

स्कूल विलय अभियान पर सरकार पर हमला

अखिलेश यादव ने सरकार के स्कूल विलय अभियान को भी निशाने पर लिया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 26 हजार से अधिक सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं, जिससे पिछड़े, दलित और आदिवासी समाज के लाखों बच्चे प्रभावित हुए हैं। स्कूलों के विलय से 28 लाख विद्यार्थियों का नामांकन घटा है, 62 हजार से अधिक शिक्षकों की संख्या कम हुई है और 81 हजार से ज्यादा पद खाली हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नई भर्तियां नहीं कर रही है और शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आय दोगुनी करने का वादा पूरा नहीं हुआ, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी नहीं मिली और आलू उत्पादक किसान संकट में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार के अवसर खत्म हो रहे हैं और सरकारी नौकरियों में आरक्षित पद भी खाली पड़े हैं।

SP नेता की OP राजभर से मुलाकात भगवान भरोसे

सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और सपा नेता ओम प्रकाश सिंह की हालिया मुलाकात पर पूछे गए सवाल पर अखिलेश ने कहा कि हमारे ओमप्रकाश, उनके ओमप्रकाश से मिल आए हैं। अब निगेटिव-निगेटिव मिला या पॉजिटिव, यह तो भगवान ही जाने।

वहीं, राजभर के पंचायत चुनाव संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि भाजपा किसी की स्थायी सहयोगी नहीं है और उसके साथ गए लोगों को जल्द इसका एहसास हो जाएगा। सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटका रही है, जबकि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और किसानों की समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा का मानसून सत्र इन सभी मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही तय करने का मंच बनेगा।

एजेंसी इनपुट के साथ...

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