केजीएमयू के डॉक्टर्स ने प्रदेश का नाम देश और विदेशों में किया रौशन: दुर्गा शंकर मिश्र

दुर्गा शंकर मिश्र
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र (Chief Secretary Durga Shankar Mishra) केजीएमयू (KGMU) में आयोजित डॉक्टर्स डे (Doctor's Day) कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप होते हैं। केजीएमयू के डॉक्टर्स ने प्रदेश का नाम न सिर्फ देश बल्कि विदेशों में रौशन किया है। डॉक्टर्स में वो ताकत है कि जब कोई मरीज भले ही अपनी जिंदगी से हार मान गया हो पर डॉक्टर्स अपनी प्रतिभा पर विश्वास कर उनको नई जिंदगी देता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में कई चुनौतियों हैं पर उन चुनौतियों को पार करते हुए एक बेहतर कार्यशैली के साथ काम करने से सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री देवरिया से दस्तक अभियान की शुरूआत कर रहे हैं। प्रदेश में बीमारियां न बढ़े इसके लिए प्रदेश सरकार एक सही दिशा में काम कर रही है।

ओपीडी में रोजाना 10 हजार मरीज आते हैं

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार हो रहे महत्वपूर्ण सुधारों से प्रदेश एक सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। हमें ऐसा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना है, जो पूरे देश के लिए रोल मॉडल बने। प्रदेश के हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिये हमें मिशन मोड में काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः के मंत्र पर प्रदेश सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केजीएमयू में 77 विभाग हैं और यहां 10 हजार मरीज रोजाना ओपीडी में आते हैं। ऐसे में क्षमता असीमित है और तकनीक का प्रयोग कर व्यवस्था को और भी बेहतर बना सकते हैं। 

वन डिस्ट्रिक वन मेडिकल कॉलेज

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज बहुत ही तेजी से फैलते इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव हो रहे हैं जिस प्रदेश में कभी मात्र 12 मेडिकल कॉलेज थे। आज वन डिस्ट्रिक वन मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर प्रदेश के सभी 75 जिलों में मेडिकल कॉलेज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। प्रदेश सरकार निरंतर ही प्रदेश में स्वास्थ सुधार के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में आज बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

आत्मनिर्भरता के मंत्र का करें अनुसरण

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपार संभवानाएं हैं ऐसे में हम लोगों को खुद की क्षमताओं को पहचानते हुए आत्मनिर्भरता के मंत्र का अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो चीजे मेडिकल क्षेत्र में दूसरे प्रदेशों और देशों से आ रही हैं उनको अपने प्रदेश में निर्मित करने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और आयुर्विज्ञान देश की ताकत है। प्रधानमंत्री ने इसे अग्रिम पंक्ति में लाने का काम किया है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार, केजीएमयू कुलपति डॉ. बिपिन पुरी, पूर्व प्रोफेसर एण्ड एचओडी कार्डियोलॉजी पदम्श्री डॉ. मन्सूर हसन समेत अन्य डॉक्टर्स और प्रोफेसर मौजूद रहे।

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