UP के कौशाम्बी में आसमान से बरसी 'मौत', मवेशी चराने गए चार मासूमों की दर्दनाक मौत

उत्तर प्रदेश में आसमानी आफत ने कई लोगों की जिंदगी ले ली। आकाशीय बिजली गिरने से चार बच्चों की मौत हो गई। जबकि आधा दर्जन घायल हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
UP के कौशाम्बी में आसमान से बरसी 'मौत', मवेशी चराने गए चार मासूमों की दर्दनाक मौत
सांकेतिक तस्वीर(AI)
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कौशांबी: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में आसमानी आफत से चार परिवारों में मातम छाया हुआ है। अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने से चार बच्चों की जान चली गई। वहीं आधा दर्जन से अधिक लोग झुलस गए। घायलों को जिला अस्पताल में एडमिट कराया गया है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने का घोषमा की है।

ये मामला मंझनपुर तहसील क्षेत्र का है। यहां जुगराजपुर गांव में खेतों में मवेशी चरा रहे चार मासूम अचानक मौसम बिगड़ने तथा बारिश होने पर घर लौटने लगे। इसी बीच तेज आवाज के साथ आकाशीय बिजली गिरी और इसकी चपेट में आने से 13 वर्षीय सतीश कुमार तथा 13 वर्षीय मनी की मौके पर मौत हो गई। वहीं 10 वर्षीय पवन तथा 8 वर्षीय दीपनजली गंबीर रूप से झुलस गए। दोनों का इलाज चल रहा है।

दो अन्य बच्चों की मौत

इसी तरह एक और जगह तारा का पुरवा गांव में भी आकाशीय बिजली ने कहर बरपाया है। यहां पांच बच्चे मवेशी चरा रहे थे और बारिश शुरू होते ही सभी आम के पेड़ के नीचे खड़े हो गए। उसी वक्त तेज चमक और धमाके के साथ बिजली पेड़ पर गिरी। हादसे में 16 वर्षीय गोविंद निषाद तथा 15 साल की रूपा देवी की मौत हो गई। वहीं, तीन अन्य बच्चे झुलस गए।

परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही, प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजे का भी एलान किया है। ‘शर्म’ बनाम ‘शक्ति’ की जंग! हिंदी के बाद अंग्रेजी पर मचा बवाल, शाह-राहुल की जुबानी जंग ने बढ़ाया सियासी पारा

कब होता है आसमानी बिजली का खतरा?

आसमानी बिजली का खतरा तब सबसे ज्यादा होता है जब आसमान में घने बादल छाए हों और गरज के साथ तूफान आने की संभावना हो। यह स्थिति आमतौर पर मानसून या गर्मी के मौसम में बनती है, जब वातावरण में नमी और गर्म हवा अधिक होती है। बिजली खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों, टावरों या धातु की वस्तुओं पर गिरने की संभावना रखती है। ऐसे समय में खुले में रहना या मोबाइल-इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करना खतरनाक हो सकता है।

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