

Kanpur Municipal Corporation Executive Committee Election: कानपुर नगर निगम कार्यकारिणी के छह रिक्त सदस्यों के चुनाव को लेकर शनिवार को बुलाई गई सदन की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक शुरू होते ही निष्कासित पार्षद पवन गुप्ता रोक के बावजूद सदन में पहुंच गए और महापौर प्रमिला पांडेय के सामने आ गए। इसे लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ।
कार्यकारिणी के छह रिक्त पदों पर सदस्यों के चुनाव के लिए दोपहर दो बजे सदन की बैठक शुरू हुई थी। चुनाव में नए सदस्यों को सर्वसम्मति से चुनने की तैयारी थी। इसी दौरान पवन गुप्ता के पहुंचने से माहौल गरमा गया। महापौर के सामने भाजपा और सपा पार्षदों ने जमकर गाली-गलौज और मारपीट की।
उधर, कांग्रेस पार्षद दल के नेता हाजी सुहेल अहमद ने चुनाव से पहले कथित टेंडर घोटाले के मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने महापौर को पत्र देकर अधिकारियों से हाल में सामने आए मामलों को लेकर जवाब मांगने की बात कही।
बैठक के दौरान भाजपा पार्षद विकास जायसवाल और सपा पार्षद रजत बाजपेई के बीच वार्ड सीमा और बरातशाला को लेकर तीखी बहस हो गई। मामला गाली-गलौज से मारपीट तक पहुंच गया। अन्य पार्षदों ने बीच-बचाव कर दोनों को शांत कराया।
भाजपा पार्षद विकास जायसवाल ने आरोप लगाया कि सरकार को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं रजत बाजपेई ने शासन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए विरोध दर्ज कराया। बढ़ते विवाद पर महापौर ने दोनों को बाहर जाकर विवाद सुलझाने को कहा।
टेंडर घोटाले और कमेटियों को भंग करने के मुद्दे पर भी पार्षदों ने नगर आयुक्त से जवाब मांगा। भाजपा के बागी पार्षद विकास जायसवाल ने कहा कि सदन कार्यकारिणी चुनाव के लिए बुलाया गया है, चर्चा के लिए नहीं। इस पर महापौर ने स्पष्ट कहा कि चर्चा जरूर होगी और शहर की बदहाल स्थिति पर भी सदन में बात होगी।