

Surendra Maithani Helmet Challan: कानपुर में सेवा ज्योति कलश यात्रा के दौरान किया गया चालान चर्चा का विषय बन गया है। यह चालान भारतीय जनता पार्टी के गोविंद नगर विधानसभा सीट से विधायक सुरेंद्र मैथानी का किया गया है। सुरेंद्र मैथानी बिना हेलमेट लगाए बुलेट चलाते हुए इस यात्रा में शामिल हुए थे।
दरअसल सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा कलश ज्योति यात्रा का आयोजन कानपुर में बुधवार को किया गया था। इसमें उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह शामिल हुए थे।इस सेवा कलश ज्योति यात्रा में कानपुर की गोविंद नगर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेंद्र मैथानी अपने समर्थको के साथ दो पहिया वाहनों से पहुंचे थे। इस दौरान विधायक सुरेंद्र मैथानी खुद बुलेट चला रहे थे और उन्होंने हेलमेट नहीं लगा रखा था। जिस पर उनका 1000 रुपए का मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किया गया।
चालान काटना तो सही बात है, लेकिन यह चालान चर्चा का विषय इसलिए बन गया कि कहीं यह चालान विधायक का पब्लिसिटी स्टंट तो नहीं। लोगों में सहानुभूति हासिल करने का जरिया तो नहीं या लोगों के बीच बेहतरीन पुलिसिंग का संदेश देने का जरिया तो नहीं? क्योंकि सवाल इस रैली में अकेले विधायक ही नहीं उनके साथ पहुंचे सैकड़ो समर्थकों ने भी बिना हेलमेट के वाहन चलाया था, तो आखिर उनका चालान क्यों नहीं किया गया?
वहीं सेवा कलश ज्योति यात्रा में कल्याणपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की विधायक नीलिमा कटियार भी दो पहिया वाहनों की रैली लेकर पहुंची थी। इस दौरान विधायक नीलिमा कटियार का बिना हेलमेट के सफेद रंग की स्कूटी चलाते हुए वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। यातायात नियमों की धज्जियां तो दोनों विधायक और उनके समर्थकों ने उड़ाई तो सिर्फ चालान सुरेंद्र मथानी का ही क्यों हुआ इसलिए ऐसा कहना संभव है कि हो सकता है यह विधायक का पब्लिसिटी स्टंट हो क्योंकि उसके पूर्व में भी विधायक के कई वीडियो वायरल हुए हैं। जिसमें वह अधिकारियों को फटकार लगा रहे हैं।
जहां एक ओर यातायात पुलिस लगातार चेकिंग अभियान चलाकर शहर में मोटर वाहन अधिनियम के तहत कई वाहनों के चालान करती रही और कई वाहनों को सीज भी किया गया।ऐसे में इस सेवा कलश ज्योति यात्रा में शामिल होने के लिए शहर के विभिन्न इलाकों से युवा एकत्रित हुए थे और अपने-अपने विधायकों के नेतृत्व में रैली निकालकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे। इस दौरान जो वीडियो वायरल हुई उसमें किसी भी समर्थक या खुद विधायक ने हेलमेट नहीं लगा रखा था तो फिर पुलिस ने सिर्फ भाजपा विधायक का ही चालान कर खानापूर्ति क्यों की। क्या पुलिस को वह अन्य लोग दिखाई ही नहीं दिए जो बिना हेलमेट के सड़क पर दो पहिया वाहन लहरा रहे थे, विधायकों के पीछे स्टंट करते हुए चल रहे थे।