

BJP VS SP On Hanuman Remark Controversy: कानपुर देहात में भगवान हनुमान को लेकर सपा नेता की टिप्पणी ने सियासी बवाल खड़ा कर दिया है। सपा जिला उपाध्यक्ष अमर सिंह पाल ने मंच से हनुमान कथा और मकरध्वज के जन्म को लेकर सवाल उठाए, जिसके बाद भाजपा ने इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा मुद्दा बनाते हुए सपा पर हमला बोल दिया है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि राजाराम पाल और अमर सिंह पाल में अगर हिम्मत है तो वो दोनो मुस्लिम धर्म के खिलाफ बोलकर दिखाएं अगर उनका सर तन से जुदा ना कर दिया जाए तो कहना। वहीं, सपा जिलाध्यक्ष ने बयान को अमर सिंह पाल का व्यक्तिगत विचार बताकर पार्टी को इससे अलग करने की कोशिश की है।
माती इको पार्क में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे सपा जिला उपाध्यक्ष अमर सिंह पाल ने मंच से रामायण और हनुमान कथा का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने सोने की लंका के जलने और हनुमान जी के पुत्र मकरध्वज के जन्म की कथा को लेकर वैज्ञानिक तर्क देते हुए सवाल खड़े किए।
अमर सिंह पाल ने अपने सराफा कारोबार का हवाला देते हुए कहा कि सोना जलता नही है। उन्होंने मकरध्वज के जन्म से जुड़ी धार्मिक कथा पर भी सवाल उठाए और लोगों से तर्क और तथ्यों के आधार पर सोचने की अपील की।
सपा नेता का यह बयान अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। भाजपा नेता अनिल शुक्ला वारसी ने अमर सिंह पाल पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। वारसी का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर इस तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि ये लोग बैठक बुलाकर समाज मे इस तरह का जहर घोलने का काम कर रहे है।
हम चेतावनी देना चाहते हैं अगर राजाराम पाल और अमर सिंह पाल में हिम्मत है तो मुस्लिम धर्म के खिलाफ बोलकर दिखाए इनका सर तन से जुदा न कर दिया जाए तो कहना। इससे पहले राजाराम पाल का वीडियो भी शोसल मीडिया पर चर्चा का विषय बना उसके बयानों से आहत होकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पूर्व सांसद राजाराम पाल का पुतला फूंका था अब अमर सिंह पाल भी बयानों के चलते सुर्खियों में है।
वहीं, भाजपा की ओर से अमर सिंह पाल के सराफा कारोबार को लेकर भी आरोप लगाए गए है। अब भाजपा इस पूरे मामले को लेकर सपा पर लगातार हमलावर नजर आ रही है।
इधर, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार बब्लू ने अमर सिंह पाल के बयान को उनका व्यक्तिगत विचार बताते हुए पार्टी की ओर से दूरी बनाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।
कुल मिलाकर हनुमान जी पर सपा नेता की टिप्पणी अब सिर्फ धार्मिक बहस तक सीमित नहीं रही, बल्कि कानपुर देहात में यह सियासी संग्राम का नया मुद्दा बन गई है। भाजपा जहां इसे आस्था और हिंदू भावनाओं से जोड़कर सपा को घेर रही है, वहीं सपा इसे नेता का व्यक्तिगत बयान बताकर राजनीतिक नुकसान से बचने की कोशिश में है।
अब देखना होगा कि यह विवाद आगे कितना तूल पकड़ता है और क्या प्रशासन या पुलिस की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई होती है।