722 पेड़ों की कटाई पर शिकंजा: NSI निदेशक और संपदा अधिकारी निलंबित; पांच और लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR

NSI Kanpur News: कानपुर के राष्ट्रीय शर्करा संस्थान परिसर में 722 हरे पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए NSI निदेशक और संपदा अधिकारी को निलंबित कर दिया है।
Crackdown on felling of 722 trees: NSI Kanpur Director and Estate Officer suspended.
NSI निदेशक डॉ सीमा परोहा (सोर्स-सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

NSI Kanpur Director And Estate Officer Suspended: राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (NSI) परिसर में लगे 722 हरे पेड़ों की अवैध कटान मामले में केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। संस्थान की निदेशक डॉ सीमा परोहा और संपदा अधिकारी विनय कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं वन विभाग ने दोनों निलंबित अधिकारियों समेत पांच लोगों को मुकदमें में नामजद किया था। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के आदेश पर कार्रवाई की गई है।

अरविंद कुमार रावत को सौंपा गया NSI निदेशक का अतिरिक्त प्रभार

बता दें कि वन विभाग द्वारा दोनों अधिकारियों के निलंबन के बाद चीनी एवं वनस्पति तेल निदेशालय के निदेशक अरविंद कुमार रावत को NSI निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

जांच में हुआ खुलासा

जानकारी के मुताबिक NSI परिसर में पेड़ काटे जाने की शिकायत के बाद वन विभाग ने जांच शुरू की तो बताया गया कि आंधी में पेड़ टूटे थे। उन्हीं को काटा गया है। दोबारा जांच में सामने आया कि नीम, शीशम, गोल्ड मोहर, यूकेलिप्टस, जंगल जलेबी समेत अन्य प्रजातियों के पेड़ काटे गए थे। जांच में 377 पेड़ों के ठूठ मिले हैं। जिन्हें पिछले महीने काटा गया। लगभग 250 पेड़ों को बैकहो लोडर से उखाड़ने के भी साक्ष्य मिले थे।

5 और लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

वन विभाग ने बीते तीन जून को कल्याणपुर थाने में NSI निदेशक डॉ सीमा परोहा, निजी सुरक्षा कमांडर उदय प्रताप सिंह राठौर, संपदा अधिकारी विनय कुमार, फार्म प्रबंधक अशोक कुमार, मेसर्स तिवारी वुड मर्चेंट और कुछ अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में सामने आया कि पेड़ों की लकड़ियां परिसर से बाहर भेजी गईं। जबकि सरकारी संपत्ति होने के कारण उनकी बिक्री से प्राप्त धनराशि राजकोष में जमा कराना अनिवार्य है।

इस मामले की विस्तृत जांच उप प्रभागीय वन अधिकारी आशीष जैन को सौंपी गई है। इस संबंध ने डॉ सीमा परोहा का कहना है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं। इसके साथ विभागीय प्रक्रिया का सम्मान करती हैं। पेड़ काटने की शिकायत मई में हुई थी। क्षेत्रीय वन अधिकारी 27 मई को जांच करने पहुंचे तो गेट का ताला नहीं खोला गया था। सुरक्षा कर्मियों का कहना था कि बिना NSI निदेशक की अनुमति के ताला नहीं खोला जाएगा।