दक्षिणा व उपहार देकर उनका आशीर्वाद भी लिया। मुख्यमंत्री ने परंपरा का निर्वहन करते हुए बटुक पूजन भी किया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गोरखनाथ मंदिर के अन्न क्षेत्र के प्रथम तल स्थित भोजन कक्ष में पीतल की परात में जल से नौ नन्ही बालिकाओं के पांव धोए। श्रीदुर्गासप्तशती के मंत्रों की गूंज के बीच उनके माथे पर रोली, चंदन, दही, अक्षत आदि का तिलक लगाया। पुष्प और शक्तिपीठ की वेदी पर उगाए गए जौ के ज्वारे से उनका अभिषेक किया। माला पहनाकर, चुनरी ओढ़ाकर, उपहार एवं दक्षिणा प्रदान कर आशीर्वाद लिया।
(सोर्स- नवभारत लाइव)