Noida Airport के लिए जमीन देने वाले किसानों के लिए खुशखबरी! योगी सरकार का बड़ा तोहफा, मिलेगा बढ़ा हुआ मुआवजा
अब तक प्राधिकरण किसानों से 3100 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीन खरीद रहा था, लेकिन जेवर के विकास के कारण जमीन की कीमतें बढ़ गई हैं। किसानों की मांग थी कि उन्हें नई दर पर मुआवजा दिया जाए।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
नोएडा जेवर एरपोर्ट, कॉन्सेप्ट फोटो, डिजाइन - नवभारत
दिल्ली-एनसीआर/नोएडा : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने नोएडा एयरपोर्ट के लिए प्रभावित किसानों से उनकी जमीन खरीदने का नया तरीका अपनाया है। अब यह 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा देगा।
यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। इससे पहले 20 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री ने जेवर के किसानों से मुलाकात के दौरान मुआवजा बढ़ाने की घोषणा की थी, जिसका सोमवार को आधिकारिक रूप से पालन किया गया।
70 प्रतिशत से ज्यादा किसानों ने जताई सहमती
अब तक प्राधिकरण किसानों से 3100 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीन खरीद रहा था, लेकिन जेवर के विकास के कारण जमीन की कीमतें बढ़ गई हैं। किसानों की मांग थी कि उन्हें नई दर पर मुआवजा दिया जाए। एयरपोर्ट के तीसरे और चौथे चरण में 2053 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है, और 70 प्रतिशत से ज्यादा किसान इसके लिए सहमत हो चुके हैं।
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किसानों की जमीन का मिलेगा उचित मूल्य
कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया है कि दूसरे चरण में परगना और जेवर के राजस्व गांवों में 243.96 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसमें परगना के 45.66 हेक्टेयर, म्याना के 165.26 हेक्टेयर, और मकसूदपुर के 33 हेक्टेयर शामिल हैं। यह जमीन सेक्टर-10 में अधिग्रहीत होगी और इसका खर्च प्राधिकरण खुद उठाएगा, यूपी सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा। इससे औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य मिलेगा।
14 गांवों की 1888.98 हेक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण
एयरपोर्ट के तीसरे और चौथे चरण में 14 गांवों की 1888.98 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, और इससे लगभग 42,433 किसान प्रभावित होंगे। इसमें 18 साल से कम उम्र के 10,847 बच्चे, 16,343 पुरुष, और 15,243 महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा, 936 परिवारों को विस्थापित किया जाएगा। इसमें 17 हजार किसान सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
इसके अलावा, एयरपोर्ट के तीसरे और चौथे चरण में दो रनवे और 750 एकड में विमान के इंजन बनाने वाली कंपनियां स्थापित की जाएंगी। फरवरी में जारी बजट में इन कार्यों के लिए 1550 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी, जिसमें से 1500 करोड़ भूमि अधिग्रहण और 50 करोड़ भवन निर्माण के लिए आवंटित किए गए थे।
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हालांकि, एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग अभी तक पूरी नहीं हो पाई है, जिससे विमान सेवा की शुरुआत में देरी हो सकती है। अधिकारियों ने इस बारे में शासन को सूचित कर दिया है और अब सभी संबंधित एजेंसियां विमान सेवा शुरू करने की दिशा में काम कर रही हैं।
