साइकिल से 100 करोड़ तक…अवैध धर्मांतरण वाले छांगुर बाबा की चौंकाने वाली कहानी
अवैध धर्मांतरण मामले में पकड़े गए छांगुर बाबा पर अब ईडी भी शिकंजा कसेगी। 100 करोड़ से अधिक की अवैध फंडिंग और टेरर फंडिंग के सबूत मिले हैं, जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत होगी।
- Written By: अक्षय साहू
अवैध धर्मांतरण के आरोप में उत्तर प्रदेश एटीएस के हथ्थे चढ़े जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुलिस के साथ-साथ अब इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी जांच करेगी। एटीएस को ऐसे ठोस सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि छांगुर बाबा ने गैरकानूनी तरीके से धर्मांतरण करवाकर 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई है। एटीएस को शक है कि इस धनराशि का उपयोग न सिर्फ अवैध धर्मांतरण फैलाने में, बल्कि टेरर फंडिंग जैसे गंभीर मामलों में भी किया गया है। इसी को आधार बनाकर एटीएस अब एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसे ईडी को सौंपा जाएगा ताकि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामला दर्ज कर वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच की जा सके। जानकारी के मुताबिक छांगुर बाबा मूल रूप से रेहरामाफी गांव का निवासी है। उसने अपने करियर की शुरुआत अंगूठी और नग बेचने से की थी।
अवैध धर्मांतरण के आरोप में उत्तर प्रदेश एटीएस के हथ्थे चढ़े जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुलिस के साथ-साथ अब इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी जांच करेगी। एटीएस को ऐसे ठोस सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि छांगुर बाबा ने गैरकानूनी तरीके से धर्मांतरण करवाकर 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई है। एटीएस को शक है कि इस धनराशि का उपयोग न सिर्फ अवैध धर्मांतरण फैलाने में, बल्कि टेरर फंडिंग जैसे गंभीर मामलों में भी किया गया है। इसी को आधार बनाकर एटीएस अब एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसे ईडी को सौंपा जाएगा ताकि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामला दर्ज कर वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच की जा सके। जानकारी के मुताबिक छांगुर बाबा मूल रूप से रेहरामाफी गांव का निवासी है। उसने अपने करियर की शुरुआत अंगूठी और नग बेचने से की थी।
