

Highlights:
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक MLC चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत
निर्दलीय राजीव यादव को भाजपा ने हराया
देर तक चला कांटे का मुकाबला
Gorakhpur Faizabad Teachers MLC Election: गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम ने एक बार फिर ध्रुव कुमार त्रिपाठी को विधान परिषद पहुंचा दिया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव को हराकर लगातार चौथी बार विधान परिषद सदस्य बनने का गौरव हासिल किया। करीब 36 घंटे तक चली मतगणना के बाद बुधवार को परिणाम सामने आया। इस चुनाव में आखिरी समय तक दोनों प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। मतगणना के दौरान कभी ध्रुव त्रिपाठी आगे निकलते तो कभी राजीव यादव बढ़त बनाते नजर आए। ऐसे में परिणाम को लेकर प्रत्याशियों के समर्थकों की धड़कनें भी बढ़ती रहीं।
शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को कुल 14,887 मत मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के खाते में 14,580 मत आए। इस तरह दोनों प्रत्याशियों के बीच 307 मतों का अंतर रहा। मतगणना के शुरुआती चरणों से लेकर अंतिम दौर तक मुकाबले में उतार-चढ़ाव बना रहा। यही वजह रही कि किसी एक प्रत्याशी की जीत को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आने में काफी समय लगा। हालांकि, अंतिम परिणाम ने ध्रुव त्रिपाठी के पक्ष में जीत पर मुहर लगा दी।
मतगणना के दौरान दोनों प्रत्याशियों के समर्थक लगातार परिणाम पर नजर बनाए हुए थे। मतों की गिनती आगे बढ़ने के साथ ही बढ़त का अंतर भी बदलता रहा। कभी ध्रुव त्रिपाठी के समर्थकों में उत्साह दिखाई देता तो कभी राजीव यादव की बढ़त से उनके खेमे में उम्मीदें मजबूत होती नजर आतीं। इस उतार-चढ़ाव ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया। दिनभर चली इस खींचतान के बाद शाम होते-होते तस्वीर साफ हुई और ध्रुव त्रिपाठी लगातार चौथी बार विधान परिषद पहुंचने में सफल रहे।
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी सीट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रभाव वाले क्षेत्र से जोड़कर भी देखा जाता है। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी की जीत राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने भी कड़ी चुनौती पेश की। मतों का करीबी अंतर बताता है कि मुकाबला आखिरी समय तक आसान नहीं रहा। हालांकि अभी जीत और हार के अंतर मे वृद्धि होनी है।
ध्रुव त्रिपाठी की लगातार चौथी जीत ने शिक्षक राजनीति में उनके लंबे अनुभव और मजबूत चुनावी मौजूदगी को फिर चर्चा में ला दिया है। वहीं, राजीव यादव की चुनौती ने इस चुनाव को एकतरफा होने से बचाए रखा। 36 घंटे की लंबी मतगणना के बाद आए नतीजे ने इस हाई-प्रोफाइल सीट पर सियासी चर्चाओं को भी तेज कर दिया है।
रिपोर्ट:- अनुराग मिश्रा