महाकुंभ भगदड़ पर बढ़ा राजनीतिक बवाल, अखिलेश का CM योगी पर तंज, बोले- पीड़ितों को 'गिद्ध' कहकर कर रहे घोर अपमान

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के CM योगी पर महाकुंभ की भगदड़ में मारे गये और लापता लोगों के परिजनों को 'गिद्ध' कहकर उनका अपमान करने का संगीन आरोप लगाया।
महाकुंभ भगदड़ पर बढ़ा राजनीतिक बवाल
महाकुंभ पर राजनीतिक बवाल
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कन्नौज (उप्र): एक बड़ी खबर के अनुसार समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर महाकुंभ की भगदड़ में मारे गये और लापता लोगों के परिजनों को 'गिद्ध' कहकर उनका अपमान करने का संगीन आरोप लगाया है।

आज अखिलेश ने कन्नौज में संवाददाताओं से कहा, ''मुख्यमंत्री गिद्ध कहकर महाकुंभ में अपनों की खोज कर रहे लोगों और मृतकों के परिवारों को अपमानित कर रहे हैं। महाकुंभ में बड़ी संख्या में अब भी लोग अपनों को खोज रहे है। कहीं भाई-भाई को ढूंढ रहा है तो कहीं बेटा अपने पिता को, बेटी अपनी मां को ढूंढ रही है। काफी लोग अभी तक नहीं मिले हैं। क्या अपनों को ढूंढने वालों को मुख्यमंत्री गिद्ध बोल रहे हैं? यह संवैधानिक पद पर बैठे एक मुख्यमंत्री की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।''

इस बाबत आज यादव ने कहा कि, ''मुख्यमंत्री गोरखपुर में गिद्ध प्रजनन केन्द्र बना रहे हैं। गिद्ध की बात कहकर वह प्रयागराज महाकुंभ की भगदड़ के पीड़ितों और दुखी परिवारों को अपमानित कर रहे हैं।''

जानकारी दें कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राज्य विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कहा था, ''कुंभ में जिसने जो तलाशा उसे वही मिला। गिद्धों को केवल लाश मिली, सुअरों को गंदगी मिली, संवेदनशील लोगों को रिश्तों की खूबसूरत तस्वीर मिली, आस्था वालों को पुण्य मिला, सज्जनों को सज्जनता मिली, गरीबों को रोजगार मिला, अमीरों को धंधा मिला, श्रद्धालुओं को साफ-सुथरी व्यवस्था मिली, पर्यटकों को अव्यवस्था मिली, सद्भावना वाले लोगों को जाति रहित व्यवस्था मिली, भक्तों को भगवान मिले। मतलब सबने अपने-अपने स्वभाव और चरित्र के अनुसार चीजों को देखा है।''

इसके साथ ही आज सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा, ''प्रयागराज महाकुंभ में जो भगदड़ हुई और व्यवस्था खराब हुई उसके लिए खुद मुख्यमंत्री जी जिम्मेदार हैं। वह किस बात की निगरानी और निरीक्षण करते रहे जो इतनी बड़ी घटना हो गयी।''

अखिलेश यादव ने कहा कि महाकुंभ में हुई भगदड़ में जिन लोगों की जान गयी है, मुख्यमंत्री उनकी सूची नहीं दे पाये। सरकार डरी हुई है इसीलिए अभी तक मृतकों का सही आंकड़ा और खोए लोगों की सूची नहीं दे पा रही है। उन्होंने कहा कि, ''भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लखनऊ और दिल्ली की सरकार आपस में लड़ रही है। लखनऊ वाले दिल्ली वालों को सूअर कह रहे हैं। संगम में गंगा के पानी की गुणवत्ता को लेकर केन्द्रीय और राज्य एजेंसियां आपस में टकरा रही हैं। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कह रहा है कि पानी साफ है। वहीं, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट है कि गंगा का पानी नहाने लायक नहीं है।''

वहीं इस बाबत उन्होंने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा, ''कपड़ा पहनने से हर कोई योगी नहीं बन जाता है। भाषा, व्यवहार और आचरण से योगी बनते हैं। पूरा सनातनी समाज और जन-जन जानता है कि जब रावण ने सीता मां का अपहरण किया था तब वह विशेष तरह का कपड़ा पहनकर साधू वेश धारण कर आया था। हम सभी लोगों को ऐसे लोगों से सावधान रहना होगा, जिनकी भाषा और व्यवहार बहुत खराब हो चुका है।''

आज साथ ही खिलेश यादव ने कहा कि, ''मुख्यमंत्री की भाषा अलोकतांत्रिक है। वह समाजवादियों पर अनर्गल टिप्पणी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री को समाजवाद, समाजवादियों और लोकतंत्र के बारे में कुछ नहीं पता है। समाजवादी सबको साथ लेकर चलते हैं। सबका सम्मान करते हैं। भाजपा की तरह नफरत नहीं फैलाते हैं।''

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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