पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए? हाफ एनकाउंटर पर CM योगी का बड़ा बयान, हाई कोर्ट ने उठाया था सवाल
CM Yogi on Police Encounter: सीएम योगी ने दो-टूक कहा कि पुलिस का काम अपराधियों की गोली खाना नहीं, बल्कि उन्हें उसी की भाषा में जवाब देना है। इससे पहले इलाहाबाद HC ने हाफ एनकाउंटर पर सवाल उठाया था।
- Written By: अर्पित शुक्ला
CM योगी (Image- Social Media)
CM Yogi News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार का रुख साफ कर दिया है। पुलिस मुठभेड़ों को लेकर उठ रहे सवालों पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति सरकार की नीति पूरी तरह ‘जीरो टॉलरेंस’ की है और इसमें किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
सीएम योगी ने कहा कि अक्सर यह सवाल किया जाता है कि पुलिस ने गोली क्यों चलाई। उन्होंने पलटकर पूछा कि अगर पुलिस गोली न चलाए तो क्या गोली खाए? उन्होंने साफ कहा कि जो जिस भाषा में समझेगा, उसे उसी भाषा में समझाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार में कानून सभी के लिए समान है। कोई अपना या पराया नहीं है। यदि कोई अपना व्यक्ति भी अपराध करेगा, तो उस पर भी वही कठोर कानून लागू होगा जो किसी माफिया पर होता है। उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा यह सुनिश्चित करती है कि कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर हो, लेकिन अगर कोई अपराधी कानून से डरता ही नहीं है, तो परिस्थितियों के अनुसार कड़ा जवाब देना जरूरी हो जाता है।
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पुलिस को हथियार और प्रशिक्षण क्यों दिया जाता है?
एनकाउंटर को लेकर होने वाली आलोचनाओं पर सीएम योगी ने कहा कि पुलिस को पिस्तौल और प्रशिक्षण इसी लिए दिया जाता है ताकि वह अपराधियों का डटकर मुकाबला कर सके। अगर अपराधी के पास गोली चलाने की आज़ादी है, तो पुलिस भी आत्मरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जवाबी कार्रवाई करेगी। पुलिस का प्रशिक्षण ही इस बात के लिए होता है कि अपराधी जिस भाषा को समझता है, उसी में उसे जवाब दिया जा सके।
आज दंगे-फसाद नहीं होते
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि जब से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हुई है, तब से प्रदेश में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में बड़े-बड़े त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए हैं। आज न तो दंगे-फसाद होते हैं, न ही गुंडा टैक्स और अराजकता की चर्चा होती है। सुरक्षित माहौल की वजह से ही उत्तर प्रदेश आज देश और दुनिया के निवेशकों के लिए एक प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है।
सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ यह लड़ाई बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जीरो टॉलरेंस का मतलब यही है कि अगर शासन या प्रशासन से जुड़ा कोई व्यक्ति भी गलत करेगा, तो उसे भी माफिया की तरह ही कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उनके इस बयान को पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने और अपराधियों को सख्त संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है।
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हाई कोर्ट ने उठाया था सवाल
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश पुलिस के कामकाज पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रदेश में कुछ पुलिस अधिकारी जजों, खासकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM), पर मनचाहे आदेश पारित कराने का दबाव बना रहे हैं। यह टिप्पणी जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल ने एक एनकाउंटर से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान की। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डीजीपी राजीव कृष्ण और अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद भी कोर्ट के समक्ष उपस्थित रहे।
