

Hamirpur Bridge Collapse Death: उत्तर प्रदेश में दो दिनों से तेज आंधी-तूफान चल रहा है। इस दौरान हमीरपुर में तेज आंधी-तूफान के कहर के बीच बड़ा हादसा हो गया। हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहा निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिर ढह गया है। इस हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई है और कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। इस हादसे का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है।
उत्तर प्रदेश CMO के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमीरपुर हादसे का तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत दुर्घटना स्थल पर भेजा जाए और राहत तथा बचाव कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने SDRF के समन्वय से राहत और बचाव कार्यों को और तेज करने के निर्देश भी जारी किए।
उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि घायलों को उचित चिकित्सा उपचार मिले। उन्होंने अधिकारियों को मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मृतकों के परिवारों से सीधा संपर्क स्थापित करें और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करें।
हमीरपुर दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों के लिए 5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। राहत और बचाव कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
साथ ही उन्होंने राज्य में चल रहे आंधी-तूफान के कारण हुए नुकसान और मौतों का भी जायजा लिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में भारी बारिश, तूफान और बिजली गिरने से हुई मौतों, पशुधन के नुकसान और संपत्ति को हुई क्षति का संज्ञान लिया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त किया और नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को आदेश दिया कि वे 24 घंटे के भीतर मुआवजा प्रदान करें और प्रभावित परिवारों को तत्काल जमीनी स्तर पर सहायता सुनिश्चित करें।
मिली जानकारी के अनुसार देर रात करीब 2 बजे तेज आंधी के कारण बेतवा नदी पर बन रहा निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिर गया था। इस हादसे के वक्त मजदूर पुल के नीचे सो रहे थे, जिसके कारण पुल उनके ऊपर गिर गया और कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। मृतकों में बांदा और हमीरपुर जनपद के मजदूर के बताए जा रहे है। यह पुल का निर्माण राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद के द्वारा कराया जा रहा था।