

Highlights:
चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ FIR की मांग वाली याचिका पर सुनवाई।
कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जांच के लिए 2 नवंबर तक का समय दिया।
डॉ. रोहिणी घावरी ने सांसद चंद्रशेखर आजाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
Rohini Ghavari Case FIR: आजाद समाज पार्टी के प्रमुख के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है, जिसमें उनके खिलाफ मामला दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को अपनी जांच पूरी करने के लिए 2 नवंबर तक का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई भी 2 नवंबर को तय की गई है।
सुनवाई के दौरान, दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि याचिका से जुड़ी जांच चल रही है और मामले से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां अभी मिलनी बाकी हैं। पुलिस के अनुसार, बैंक खातों से जुड़ी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है, जिस वजह से जांच प्रक्रिया अभी भी जारी है।
वहीं, नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली डॉ. रोहिणी घावरी की ओर से पेश वकील ने नाराजगी जताई। उन्होंने दिल्ली पुलिस की जांच को लेकर आपत्ति जताई। वकील ने कोर्ट में कहा कि यह शिकायत जुलाई 2025 में दर्ज कराई गई थी। लेकिन अभी तक पुलिस सिर्फ प्रारंभिक जानकारी ही जुटा रही है।
उनका कहना है कि इस मामले में देरी किए बिना तुरंत FIR दर्ज होनी चाहिए। शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील ने यह भी कहा कि आरोपी वर्तमान में मौजूदा सांसद है। ऐसे में जांच में लगातार देरी से कार्रवाई प्रभावित होने की संभावना है।
आगे यह भी कहा गया कि इस मामले में शादी का झूठा वादा करके यौन संबंध बनाने के आरोप शामिल हैं। यह एक ऐसा कृत्य जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में, लंबी प्रारंभिक जांच का इंतजार करने के बजाय तुरंत FIR दर्ज की जानी चाहिए।
दलित अधिकार कार्यकर्ता और PhD स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी ने सांसद चंद्रशेखर आजाद पर शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाने, मानसिक और भावनात्मक शोषण करने, तथा धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।
अपनी शिकायत में, डॉ. घावरी का कहना है कि उनकी चंद्रशेखर आजाद से पहली मुलाकात लगभग 2021 में हुई थी, जब वह स्विट्जरलैंड में अपनी पढ़ाई कर रही थीं। आरोप है कि दोनों लगभग तीन साल तक रिलेशनशिप में थे, लेकिन सांसद बनने के बाद चंद्रशेखर आजाद ने उनसे दूरी बना ली।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उनसे शादी का वादा किया गया था और इसी आधार पर यह रिश्ता कायम हुआ था। इसके चलते, उन्होंने सांसद के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और FIR दायर करने की मांग की है।
गौरतलब है कि पिछली सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को इस मामले में एक स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। अब अदालत ने पुलिस को जांच आगे बढ़ाने और जरूरी जानकारी जुटाने के लिए अतिरिक्त समय दिया है, और अगली सुनवाई 2 नवंबर के लिए तय की है। इस मामले में दिल्ली पुलिस की जांच चल रही है, और अगली सुनवाई के दौरान सभी पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।