भानवी सिंह को हाई कोर्ट से बड़ी राहत; राजा भैया और साली साध्वी सिंह को नोटिस जारी

Allahabad High Court की लखनऊ बेंच ने राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह को मानहानि केस में अंतरिम राहत दी। कोर्ट ने राजा भैया और भानवी की बहन साध्वी सिंह को नोटिस जारी किया है।
raja bhaiya bhanvi singh
राजा भैया और भानवी सिंह, फोटो- सोशल मीडिया
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Uttar Pradesh News: कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह को मानहानि मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए राजा भैया और उनकी साली साध्वी सिंह को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।

जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के नेता और कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने भानवी सिंह के खिलाफ चल रहे मानहानि और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोपों में दर्ज मुकदमे की प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है।

राजा भैया और साध्वी सिंह को नोटिस जारी करने का आदेश

यह आदेश जस्टिस सौरभ लवानिया की एकल पीठ ने भानवी कुमारी सिंह की याचिका पर दिया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन हफ्ते का वक्त दिया है, साथ ही रघुराज प्रताप सिंह और उनकी पत्नी की बहन साध्वी सिंह को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।

तलाक मामले में लिखित जवाब बना विवाद की जड़

याचिकाकर्ता भानवी सिंह की ओर से अदालत में यह दलील दी गई कि उनके पति रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने फैमिली कोर्ट में विवाह विच्छेद (तलाक) का मुकदमा दायर किया है। भानवी सिंह ने उस मुकदमे पर अपना लिखित जवाब दाखिल किया था। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि भानवी सिंह के इसी लिखित जवाब को एक टीवी चैनल ने प्रसारित कर दिया था। उसी समाचार को आधार बनाकर भानवी सिंह की बहन साध्वी सिंह ने भानवी और दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी।

फैमिली कोर्ट कार्यवाही प्रकाशित नहीं हो सकती- कोर्ट

इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फैमिली कोर्ट एक्ट और हिंदू विवाह अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान है कि परिवार न्यायालय के किसी भी मुकदमे की कार्यवाही को प्रकाशित या प्रिंट नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा, भानवी सिंह के अधिवक्ता ने यह भी तर्क दिया था कि जो आरोप उन पर लगाए गए हैं, उनमें केवल परिवाद दाखिल किया जा सकता था।

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इस पर अदालत ने अपने आदेश में कहा कि विवाद दो बहनों के बीच का है, इसलिए इसमें मध्यस्थता की संभावना हो सकती है। इन टिप्पणियों के साथ ही कोर्ट ने भानवी सिंह के खिलाफ चल रहे मुकदमे पर अगली सुनवाई तक के लिए रोक लगा दी है।

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