आजम खान की मुश्किलें बढ़ीं
रामपुर जेल से बाहर आते ही ईडी ने दबोचा
गाजियाबाद कोर्ट ने 14 दिन के लिए जेल भेजा
Azam Khan Money Laundering Case: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अलग-अलग मामलों में उन्हें बार-बार जेल जाना पड़ रहा है, जिससे उनकी रिहाई और गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है। अब उन पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने शिंकजा कसा है। ईडी की टीम ने आजम खान को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हिरासत में लिया और रविवार को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेजा गया। ईडी की टीम सपा नेता से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ करेगी। बता दें कि ईडी ने 13 अक्टूबर को अजीमनगर थाने में आजम खान, उनके जौहर ट्रस्ट समेत पांच लोगों के खिलाफ विश्वविद्यालय निर्माण में सरकारी धन के गबन और धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गुरूवार को दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को राहत देते हुए जमानत दी थी। शुक्रवार शाम को जैसे ही आजम खान रामपुर जेल से बाहर निकले, ईडी की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। न्यायिक हिरासत में लिए गए आजम खान से ईडी की टीम मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग व वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पूछताछ करेगी। आजम खान के वकीलों ने ईडी की इस कार्रवाई और रिमांड अर्जी का विरोध किया था जिसे खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
रामपुर जेल से बाहर ईडी ने जब आजम खान को हिरासत में लिया तो उनके भीतर का दर्द झलक उठा। मौजूद मीडिया ने जब पूछा कि क्या कहेंगें तो उन्होंने भरी आवाज में कहा कि अब कहने को क्या बचा है, यह सब मुसलमान होने की सजा है। हमारी सबसे बड़ी गलती यह है कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बना दी। बच्चों के लिए स्कूल और यूनिवर्सिटी खड़ी कर दी, समाज के लिए इल्म का दिया जला दिया, बस यही हमारा सबसे बड़ा गुनाह है।