‘अत्यंत पीड़ादायक है’, राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर कोषाध्यक्ष का पहला बयान, बोले- आय-व्यय का पूरा हिसाब सुरक्षित
Govind Dev Giri News: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने सफाई दी है। उन्होंने आय-व्यय का पूरा हिसाब कभी भी जांच करने की बात कही।
- Written By: अमन मौर्या
गोविंद देव गिरि (फोटो सोर्स- IANS)
Ram Temple Donation Theft Case: राम मंदिर के दानपात्र से हुई चंदा चोरी की घटना को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर हैं। ऐसे में राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने भी एक आधिकारिक चिट्ठी जारी कर अपनी सफाई पेश की है।
चढ़ावा चोरी मामले में रामभक्त आहत: गोविंद देव
गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि साधु, संत, महात्मा, एवं प्रखर रामभक्तों के अविरत प्रवास तथा बलिदानों से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि के पवित्र स्थान पर भगवान रामलला का भव्य मंदिर खड़ा हुआ। प्रभु की प्राण प्रतिष्ठा हुई और ध्वजारोहण तक सभी कार्य सोत्साह संपन्न हुए। रामभक्तों के लिए वह अत्यंत आनंददायी पर्व रहा। ऐसे मंगलमय वातावरण में अयोध्या मंदिर में घटित अविश्वसनीय अर्थ अपहार की घटना ने रामभक्तों का हृदय विदीर्ण कर दिया।
5 जुलाई को पहुंचेंगे अयोध्या
उन्होंने कहा कि चढ़ावा-चोरी का यह क्रम पिछले काफी समय से चल रहा था, यह भी प्रकाश में आया। यह सभी रामभक्तों के लिए अत्यंत दुखदायक, भीषण पीड़ादायक है। इससे हम अत्यंत आहत, दुखी एवं लज्जित हैं। श्रीमद् भागवत की पूर्व निर्धारित कथा पूर्ण करके दिनांक 5 जुलाई को मैं श्री अयोध्या पहुंच रहा हूं। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के कोषाध्यक्ष के रूप में मेरा यह विनय निवेदन सभी रामभक्तों के लिए समर्पित है।
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राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि का बयान – “चोरी करने का जघन्य महापाप कुछ लोगों ने किया। यह दुखदायक, पीड़ादायक है। 5 जुलाई को अयोध्या पहुंच रहा हूं। इस महापाप की जांच गहराई से होनी चाहिए” पूरा लेटर पढ़िए। कोषाध्यक्ष होने के बावजूद वे चंदे की प्रक्रिया से कैसे दूर… https://t.co/kqoakPFZHQ pic.twitter.com/iOIrk7fIhA — Sachin Gupta (@Sachingupta) July 5, 2026
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अपने आय-व्यय का हिसाब देने को तैयार कोषाध्यक्ष
उन्होंने कहा कि मैं लगभग हर महीने-डेढ़ महीने में व्यास के कार्यार्थ अयोध्या आता रहता हूं। मेरे विभाग अथवा अन्य प्रवास के लिए मैंने अब तक एक भी रुपया व्यय के रूप में व्यास से लिया नहीं है। प्रभु श्रीराम की निरपेक्ष सेवा के रूप में यह कार्य करने में धन्यता का अनुभव होता है। कोषाध्यक्ष के दायित्व के रूप में कोष में जमा की गई राशि का आरंभ से लेकर अब तक का लेखा-परीक्षण आय-व्यय का हिसाब सुरक्षित है, जो अधिकृत व्यक्तियों द्वारा कभी भी जांचा जा सकता है।
एजेंसी इनपुट के साथ…
