राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: SIT के रडार पर आए 30 बड़े नाम, सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख से एसआईटी के छूटे पसीने!

Ram Mandir Donation Scam SIT Investigation: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। 8 गिरफ्तारियों के बाद अब कैश गिनने वाले करीब 30 और कर्मचारी जांच के घेरे में हैं।
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अयोध्या राम मंदिर जांच (AI Generated Image)
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SC Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी के बाद, जांच का दायरा अब कैश की गिनती में लगे लगभग 30 और कर्मचारियों की जांच तक बढ़ गया है। इनमें से कई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अधिकारियों या उनके सहयोगियों की सिफारिश पर काम पर रखा गया था। नियुक्ति करने वाले ट्रस्ट के पदाधिकारी या ट्रस्टी हैं, जिन्हें अब तक प्रारंभिक रिपोर्ट से बाहर रखा गया था, लेकिन व्यापक जांच में अब यह बड़े नाम भी शामिल हो गए हैं।

नोटों की गिनती में लगे हुए थे 50 लोग

अहम बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के चलते एसआईटी को अपनी फाइनल रिपोर्ट में यह नाम बतौर संदिग्ध शामिल करने में पसीने छूट रहे हैं। जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए नोटों की गिनती में लगभग 50 लोग लगे हुए थे। इनमें से लगभग 40 लोगों को कथित तौर पर राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों या उनसे करीबी तौर पर जुड़े अन्य लोगों की सिफारिश पर भर्ती किया गया था।

जांचकर्ता अब इन कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच कर रहे हैं और यह भी देख रहे हैं कि क्या कैश-गिनने के काम में शामिल होने के बाद उनमें से किसी ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं ज्यादा संपत्ति जमा की है। जांच के दायरे में डोनेशन के प्रबंधन से जुड़े ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी आ गए हैं, हालांकि अभी तक उनके खिलाफ कोई आपराधिक दोष साबित नहीं हुआ है।

सोची समझी प्लानिंग है चोरी

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार यह सिर्फ प्रशासनिक चूक या फैसले में गलती का मामला नहीं था, बल्कि कुछ लोगों द्वारा तैयार की सोची समझी प्लानिंग का हिस्सा है। लोगों के दान से जुड़े संवेदनशील काम के लिए अस्थायी भर्तियां की गई, जिसमें ट्रस्ट के अधिकारियों के रिश्तेदार और परिचित सिस्टम में शामिल हो गए।

पुलिस हिरासत में आरोपी टिन्नू यादव और मनीष यादव

अयोध्या राम मंदिर में दान की चोरी के मामले में, रामाशंकर यादव उर्फ ​​टिन्नू यादव और मनीष यादव को 39 घंटे की रिमांड पर पुलिस हिरासत में लिया गया है। पुलिसकर्मी कल रात 11:00 बजे तक SOG ऑफिस में ही मौजूद रहे और आरोपियों को कहीं और नहीं ले जाया गया।

ऐसे सभी लोगों के बैकग्राउंड की जांच की जा रही है और उनके फाइनेंशियल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे है। जांच करने वालों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से छह के खिलाफ सीधे सबूत मिले हैं। फुटेज में वे मंदिर के तीर्थयात्री सुविधा केंद्र में दान की गिनती करते समय नोटों की गड्डियों को अपने कपड़ों, जेबों और जूतों में छिपाते हुए दिख रहे हैं।

SIT ने मांगा समय

चढ़ावा चोरी की जांच कर रही विशेष जांच टीम 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपेगी। एसआईटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए राज्य सरकार से समय मांगा है। बताया जा रहा है कि जांच अभी जारी है और कुछ बिंदुओं पर विस्तृत पड़ताल के बाद ही अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार द्वारा गठित की गई एसआईटी की जांच को लेकर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एसआईटी की टीम अंतरिम जांच रिपोर्ट दाखिल करेगी।

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