कौन संभालेगा रामकथा पार्क, कौन राम की पैड़ी? दीपोत्सव के लिए बंटी जिम्मेदारी, हर मोर्चे पर मजिस्ट्रेट तैनात

Ayodhya Deepotsav 2026: दीपोत्सव में श्रद्धालुओं और अतिथियों की सुविधा तथा सुरक्षा प्राथमिकता है। सभी प्रमुख आयोजन स्थलों पर जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं ताकि आयोजन में किसी को असुविधा न हो।
Tight security arrangements in Ayodhya for Deepotsav
दीपोत्सव को लेकर अयोध्या में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम(सोर्स: नवभारत लाइव)
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Highlights:

  • एयरपोर्ट से रामजन्मभूमि तक VIP मूवमेंट पर नजर

  • शोभायात्रा और सांस्कृतिक मंच के लिए अलग अधिकारी नियुक्त

  • भीड़, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन का फोकस

दीपोत्सव-2026 के प्रमुख आयोजनों को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने स्थलों के हिसाब से जिम्मेदारियां बांट दी हैं। उप राष्ट्रपति के आगमन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रमों को देखते हुए एयरपोर्ट से श्रीरामजन्मभूमि परिसर, नया घाट, रामकथा पार्क और राम की पैड़ी तक अधिकारियों की तैनाती की गई है।

पांच नवंबर को जारी संशोधित आदेश में आयोजन स्थलों, शोभायात्रा, अतिथि दीर्घाओं और यातायात व्यवस्था की निगरानी के लिए अलग-अलग मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं।

रामकथा पार्क में मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह संपूर्ण व्यवस्था की कमान संभालेंगे। मंच, विशिष्ट अतिथि दीर्घा, संत समाज और मीडिया गैलरी की व्यवस्थाओं के लिए अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।

राम की पैड़ी पर अपर जिलाधिकारी अमित कुमार भट्ट आयोजन की निगरानी करेंगे। यहां मुख्यमंत्री के मंच, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संत समाज की दीर्घा और अतिथियों के बैठने की व्यवस्था अलग-अलग अधिकारियों के जिम्मे रहेगी। दीप प्रज्ज्वलन से संबंधित समस्त कार्य अपर जिलाधिकारी नगर एवं मेलाधिकारी दिनेश के नेतृत्व में होंगे।

अलग-अलग हिस्सों में व्यवस्थाएं संभालेंगे अधिकारी

विशिष्ट अतिथियों के आगमन से लेकर दर्शन-पूजन और कार्यक्रम स्थलों तक आवागमन के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। एयरपोर्ट पर अपर जिलाधिकारी कौशल कुमार अतिथियों के आगमन और प्रस्थान की जिम्मेदारी संभालेंगे।

अपर नगर आयुक्त भारत और डिप्टी कलेक्टर गजेंद्र सिंह एयरपोर्ट से नया घाट होते हुए श्रीराम जन्मभूमि परिसर तक मार्ग व्यवस्था और शांति व्यवस्था की निगरानी करेंगे। साकेत महाविद्यालय बंधा तिराहे से रामकथा पार्क तक निकलने वाली शोभायात्रा की जिम्मेदारी मुख्य राजस्व अधिकारी गजेंद्र कुमार को दी गई है।

उनके साथ जिला पूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार मिश्र, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहन त्रिपाठी और अन्य अधिकारी यात्रा के अलग-अलग हिस्सों में व्यवस्थाएं संभालेंगे।

Tight security arrangements in Ayodhya for Deepotsav
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निगरानी में रहेंगी सभी व्यवस्थाएं

दीपोत्सव में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यातायात, पार्किंग, बैरिकेडिंग और आवागमन की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। राम की पैड़ी, सरयू आरती स्थल और प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी।

नया घाट स्थित सरयू आरती स्थल की संपूर्ण व्यवस्था अपर जिलाधिकारी प्रशासन विशु राजा और उप जिला मजिस्ट्रेट पवन कुमार शर्मा संभालेंगे। वहीं संपूर्ण यातायात व्यवस्था अपर जिलाधिकारी इंद्राकांत द्विवेदी के जिम्मे रहेगी।

जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि दीपोत्सव में श्रद्धालुओं और अतिथियों की सुविधा तथा सुरक्षा प्राथमिकता है। सभी प्रमुख आयोजन स्थलों पर जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। संबंधित विभागों को समन्वय के साथ व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आयोजन के दौरान किसी को असुविधा न हो।

30 लाख दीपों की रोशनी के साथ आध्यात्मिक चेतना का संदेश

तैयारियों के बीच जगतगुरु स्वामी सतीशाचार्य समेत कई संत अयोध्या पहुंचे। संतों ने योगी सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दीपोत्सव ने वैश्विक पहचान बनाई है और अयोध्या का स्वरूप त्रेतायुग के उल्लास की याद दिला रहा है।

संतों ने कहा कि 30 लाख दीपों की रोशनी के साथ हर भारतीय के हृदय में भी प्रभु श्रीराम के आदर्शों का दीप जलना चाहिए। जगतगुरु स्वामी सतीशाचार्य जी महाराज ने कहा कि सूर्यवंश के राजा प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में दीपावली का विशेष महत्व है।

इस पावन अवसर पर देवी-देवताओं के नाम और उनकी संख्या के अनुरूप दीप प्रज्ज्वलित करने की परंपरा आस्था और आध्यात्मिक चेतना को प्रकट करती है। अयोध्या का यह भव्य स्वरूप केवल आंखों को आकर्षित करने वाला दृश्य नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति है।

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