4 महीने मौन रहेंगे चंपत राय, राम मंदिर ट्रस्ट से इस्तीफे के बाद बड़ा फैसला; देवशयनी एकादशी से लिया मौन व्रत

Ayodhya Ram Mandir News: राम मंदिर ट्रस्ट से इस्तीफे के बाद चंपत राय ने देवशयनी एकादशी से चार महीने की साधना और रोजाना 6 घंटे का मौन व्रत शुरू किया है।
Champat Rai to observe silence for four months; major decision following resignation from Ram Mandir Trust; vow of silence undertaken starting from Devshayani Ekadashi.
चंपत राय (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Champat Rai Silence Vow: अयोध्‍या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने के बाद चंपत राय ने अयोध्या में ही देवशयनी एकादशी पर चार महीने की साधना शुरू कर दी है। इस दौरान वो मौन व्रत रखेंगे। एकादशी से चार महीने तक चंपत राय रोज 6 घंटे (सुबह 6 से 12 बजे तक) का मौन व्रत रखेंगे।  इस बीच राम मंदिर ट्रस्ट ने चंपत राय के हस्ताक्षर वाले ID कार्ड और एंट्री पास को कुछ समय के लिए फिर से मान्य कर दिया गया है।

उन्हें एक अंतरिम व्यवस्था के तहत फिर से मान्य कर दिया गया है, ताकि मंदिर में निर्माण और रखरखाव का काम बाधित न हो। मंदिर के सूत्रों ने बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के हस्ताक्षर वाले जिन पहचान पत्रों और एंट्री पास को हाल ही में अमान्य घोषित कर दिया गया था, उन्हें एक अंतरिम व्यवस्था के तहत फिर से मान्य कर दिया गया है, ताकि मंदिर में निर्माण और रखरखाव का काम बाधित न हो।

चढ़ावा चोरी विवाद के बाद लागू की गई व्‍यवस्‍था

मंदिर से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय के हस्ताक्षर वाले ID कार्ड और एंट्री पास पर प्रतिबंध का असर संग्रहालय, ट्रस्ट कार्यालय, चारदीवारी और विश्राम गृह सहित अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं के समन्वय और निगरानी पर पड़ रहा था, इसीलिए यह व्यवस्था लागू की गई। यह घटनाक्रम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर उठे विवाद और मंदिर ट्रस्ट में हुए प्रशासनिक बदलाव के बीच सामने आया है।

सरकार ने गठित की नई एसआईटी

उत्तर प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप राम मंदिर के दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए नई एसआईटी का गठन किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने तीन सदस्यीय नई एसआईटी बनाई है, जिसका नेतृत्व आईजी किरण एस को सौंपा गया है। एसआईटी के अन्य सदस्यों में अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर भी शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट के प्रदेश सरकार को दिया था निर्देश

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार को एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की अगुवाई में नई एसआईटी बनाने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि जांच की स्टेटस रिपोर्ट 27 जुलाई को सौंपी जाए।

बता दें कि अयोध्या पुलिस ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित तौर पर गबन को लेकर अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच टीम ने नकदी, गाड़ियां, निवेश से जुड़े दस्तावेज और अन्य संपत्तियां बरामद की हैं, जिन्हें कथित तौर पर गबन किए गए फंड से खरीदा गया था।

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