चोरी के बाद होती थी मीटिंग! चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला का कबूलनामा, पूरे नेटवर्क का खोला राज

Ayodhya Temple Donation Theft: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला ने पुलिस के सामने अपना जुर्म स्वीकार किया है। अविनाश ने अपने पूरे नेटवर्क के बारे में बड़ा खुलासा किया है।
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आरोपी अविनाश शुक्ला (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Ayodhya Temple Police Investigation: अयोध्या में मंदिर के चढ़ावे से कथित चोरी के मामले में पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ में कई राज खोले। पूछताछ के दौरान अविनाश शुक्ला को पिछले 45 दिनों के सीसीटीव फुटेज दिखाए गए। जैसे ही उसने यह सब देखा, तो वह टूट गया और उसने चढ़ावे से होने वाली लगातार चोरी की बात कबूल की। अयोध्या पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने कई चरणों में अविनाश शुक्ला से पूछताछ की। इसी दौरान उसे सीसीटीवी फुटेज दिखाई गई। पुलिस का दावा है कि फुटेज में खुद को चढ़ावे से पैसे निकालते हुए देखने के बाद अविनाश हिल गया और उसने अपना जुर्म कबूल किया। उसने बताया कि वह लंबे समय से इस वारदात को अंजाम दे रहा था।

अविनाश के बैंक रिकॉर्ड्स हासिल

अयोध्या पुलिस के सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच कर रही पुलिस ने आरोपी के जमीन और बैंक से जुड़े रिकॉर्ड हासिल कर लिए हैं और अपराध से हुई संभावित कमाई का पता लगाने के लिए जानकारी की पुष्टि कर रही है। रेवेन्यू डिपार्टमेंट से मिली जमीन के लगभग 20 टुकड़ों के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि क्या ये संपत्तियां आरोपी के 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' से जुड़ने के बाद खरीदी गई थीं, क्योंकि ऐसा होने पर इन्हें अपराध से हुई कमाई माना जा सकता है। इससे पहले, आरोपी अविनाश शुक्ला से जुड़ी एक चार-पहिया गाड़ी भी जब्त की गई थी।

अविनाश के भाई से कार को लेकर पूछताछ

चोरी के रकम के इस्तेमाल को लेकर भी आरोपी अविनाश शुक्ला ने बड़ा खुलासा किया। अविनाश ने बताया कि चोरी के पैसों से एक ब्रेजा कार खरीदी गई थी। यह कार उसने अपने भाई अभिषेक के नाम पर खरीदी थी। अविनाश ने पूछताछ में बताया कि उसका भाई एक सरकारी टीचर है, इसलिए कार खरीदने से किसी को उस पर शक नहीं होगा।

सूत्रों के मुताबिक, ब्रेजा कार का पता लगते ही पुलिस तुरंत प्रतापगढ़ स्थित उसके भाई के घर पहुंची। पुलिस ने इस संबंध में आरोपी के भाई अभिषेक से भी पूछताछ की। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि चोरी की रकम के इस्तेमाल और खरीदी गई संपत्ति में किसकी क्या भूमिका रही।

चोरी के बाद इस जगह मिलते थे सभी आरोपी

अविनाश ने अपने नेटवर्क के काम के तरीके का भी खुलासा किया। अविनाश ने बताया कि सभी आरोपी एक-दूसरे की गतिविधियों के बारे में सब कुछ जानते थे। सभी को यह पता था कि कौन किस तरह से पैसे निकाल रहा है। चोरी करने के बाद वह आपस में मुलाकात कर बैठक करते थे। उसने बताया कि बैठक के लिए आरोपियों ने 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का एक सुनसान इलाका चुना था। इन बैठकों में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा समेत सभी छह आरोपी शामिल होते थे।

सूत्रों का दावा है कि बाद में टिन्नू यादव का भतीजा भी उनके साथ इन बैठकों में शामिल होने लगा था। पुलिस को पूछताछ में पता चला कि मई के आखिरी हफ्ते में, यानी चढ़ावा चोरी मामला सामने आने से ठीक पहले आरोपियों की एक बड़ी बैठक हुई थी। अब अयोध्या पुलिस इन बैठकों का मकसद और इनके पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए सबूत इकट्ठा कर रही है।

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