ट्रस्ट को पहले से थी चढ़ावा चोरी की जानकारी? FIR दर्ज न कराने पर उठे सवाल, 5 जून का CCTV फुटेज हुआ वायरल

Ayodhya Ram Mandir Trust: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नया वीडियो सामने आया। ट्रस्ट पर पहले से जानकारी होने और FIR में देरी को लेकर नए सवाल उठ रहे हैं।
Did the trust already know about the theft of offerings? Questions raised over failure to file an FIR; CCTV footage from June 5 goes viral.
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का आरोपी अविनाश शुक्ला (फोटो सोर्स - सोशल मीडिया)
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Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या में भगवान राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में तरह-तरह की जानकारी सामने आ रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो सामने आया है। यह वीडियो 5 जून का बताया जा रहा है। वीडियो में कुछ पुलिस जवानों के साथ अविनाश शुक्ला नजर आ रहा है। उसके साथ एक काले रंग का बैग भी है। वीडियो सामने आने के बाद अब सवाल उठने लगा है कि क्या मंदिर के चढ़ावा में हेरफेर की जानकारी ट्रस्ट को पहले से थी?

ट्रस्ट की भूमिका पर उठे सवाल

बताया जा रहा है जानकारी सामने आने पर ट्रस्ट के पदाधिकारी पांच जून को ही आरोपियों से करीब 58 लाख रुपये बरामद कर लिया था। बाकी पैसे बैंक खातों से निकालकर आरोपियों ने 8 जून को दे दिए थे। इस घटना के बाद भी ट्रस्ट के पदाधिकारी FIR न दर्ज कराने के कारण लगातार निशाने पर हैं। इसके बाद से ही ट्रस्ट की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

आरोपियों से की गई थी बरामदगी

बताया जा रहा है कि मंदिर में चढ़ावे के चोरी का मामला बाद में भले ही सार्वजनिक रूप से बाहर आया, लेकिन ट्रस्ट से जुड़े लोगों को इसकी जानकारी पहले ही हो गई थी। मीडिया सूत्रों के मुताबिक, परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों और ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने 5 जून को ही आरोपियों के घर से रकम बरामद कर ली थी। इस बीच पहले ही दिन करीब 58 लाख रुपये बरामद किए गए थे।

SIT जांच में 40 लोगों की भूमिका संदिग्ध

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने बड़ा खुलासा किया है। SIT की शुरुआती जांच में अब तक 40 लोगों के सीधे तौर पर शामिल होने की बात सामने आई है। जांच के दौरान लगभग 40 लोगों संदिग्ध पाए गए हैं। इसमें कंट्रोल रूम के प्रभारी से लेकर तैनात कर्मी, पुलिस और पीएसी के जवान, काउंटिंग रूम के बाहर पहरा देने वाले निजी सुरक्षाकर्मीभी शामिल बताए जा रहे हैं।

इस खुलासे के बाद अब सभी लोगों की भूमिका पर अलग-अलग जांच शुरू हो गई है। SIT जांच से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, सभी आरोपियों का वर्गीकरण किया जा रहा है। मामले में संलिप्तता पाए जाने पर कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

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