राम मंदिर दान चोरी मामले में आरोपियों की 40 घंटे की पुलिस रिमांड, क्या खुल गए हैं कई अहम राज?

Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में 3 आरोपियों को 40 घंटे की पुलिस रिमांड मिली है। पूछताछ में चोरी की रकम, डिजिटल सबूत व अन्य लोगों से जुड़े अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
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पुलिस रिमांड पर 3 आरोपी (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Ram Mandir Donation Theft Case Investigation: अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी मामले में पुलिस की जांच अब एक नए चरण में पहुंच गई है। मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों में से तीन को पुलिस ने कस्टडी रिमांड पर ले लिया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान चोरी से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। खासतौर पर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि चोरी किए गए रुपयों का इस्तेमाल कहां किया गया, रकम को किस तरह छिपाया गया और इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल रहे।

पूछताछ के आधार पर जुटाए जाएंगे नए सबूत

पुलिस ने अदालत में रिमांड की मांग करते हुए कहा था कि आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर कई सबूत जुटाने बाकी हैं। जांच एजेंसी अब आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ कर चोरी की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास करेगी। पुलिस का मानना है कि कस्टडी रिमांड के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आ सकते हैं, जो अब तक जांच से बाहर थे।

SIT की रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी कार्रवाई

राम मंदिर दान चोरी का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी जांच के लिए SIT का गठन किया था। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट और दिशा-निर्देशों के आधार पर आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच आगे बढ़ाई।

इससे पहले अदालत के आदेश पर पुलिस ने जेल में जाकर आरोपियों से पूछताछ भी की थी। एक आरोपी अविनाश शुक्ला को पुलिस रिमांड पर लेकर वाहन समेत कुछ महत्वपूर्ण बरामदगी की जा चुकी है।

आरोपियों से होगी गहन पूछताछ

पुलिस ने तीन आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय की सात दिनों की पुलिस रिमांड मांगी थी। हालांकि अदालत ने सुनवाई के बाद तीनों को 40 घंटे की कस्टडी रिमांड मंजूर की।

मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान मामले के विवेचक और सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी अदालत में मौजूद रहे। पुलिस ने दलील दी कि आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं और उन जानकारियों के आधार पर नए साक्ष्य जुटाना जरूरी है।

अदालत में आरोपियों की ओर से विरोध

आरोपियों की ओर से नियुक्त डिफेंस काउंसिल कुलशेखर सिंह ने पुलिस की रिमांड अर्जी का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की अदालत ने पुलिस की मांग को स्वीकार कर लिया।

इसके बाद बुधवार सुबह पुलिस ने जेल से तीनों आरोपियों को अपनी कस्टडी में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

मोबाइल चैट और डिजिटल सबूतों से मिले अहम सुराग

इससे पहले 5 जुलाई को अदालत की अनुमति के बाद पुलिस ने जेल में तीनों आरोपियों से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की थी। इस दौरान आरोपियों के मोबाइल चैट की जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं।

राम मंदिर दान चोरी मामले में पुलिस ने आरोपियों से अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की थी। जांच अधिकारियों ने मिली जानकारी का मौके पर सत्यापन भी कराया।

रिमांड के दौरान हो सकती हैं नई बरामदगियां

अब पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर नए साक्ष्य, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य सामान बरामद करने की कोशिश करेगी। गठित SIT टीम को उम्मीद है कि इस पूछताछ से राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पैसे के लेन-देन, चोरी की योजना और अन्य जुड़े लोगों के बारे में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

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