

Ram Mandir Donation Box Controversy: अयोध्या राम मंदिर के दान पात्रों में जमा राशि में कथित गड़बड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष जांच दल बनाने की मांग की थी। ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को एसआईटी का गठन कर दिया।
यह जांच टीम 7 दिनों के भीतर अपनी शुरुआती रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। SIT में लखनऊ के मंडलायुक्त IAS विजय विश्वास पंत, IG रेंज आईपीएस किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया है। जांच के जरिए मामले की सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जाएगी।
मीडिया से बात करते हुए आर्य संत वरुण ने कहा कि करोड़ों देश विदेश के भक्तों से जुड़े इस पवन अवसर की पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है। ताकि सोशल मीडिया पर चल रहे तमाम तरह की अफवाहों पर तुरंत रोक लगाई जा सकें। सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महाराज डॉ. देवेशाचार्य ने बताया कि राम मंदिर के दान पत्रों में दान की गई धनराशि की चोरी से जुड़ी अफवाहों को लेकर ट्रस्ट ने मुख्य मंत्री योगी आदित्य नाथ से अनुरोध किया था। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए यह भी बताया कि सरकार ने एसआईटी का गठन करके एक सकारात्मक कदम उठाया है। राम मंदिर केवल एक मंदिर ही नहीं है बल्कि हिन्दू परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है।
वहीं दूसरी और महंत सीताराम डीएस ने बताया कि सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर जांच दल गठित करने की शुरुआत कर दी है। उन्होंने यह भी बताया कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष होगी। किसी भी व्यक्ति या विशेषकर सनातन धर्म के अनुयायियों की आस्था को ठेस नहीं पहुंचेगी।
पूर्व बाबरी मस्जिद वादी इकबाल अंसारी ने भी शुरू होने वाले जांच दल के गठन को एक सही कदम बताया है। उन्होंने कहा कि भगवान राम से जुड़ा यह मामला पूरे देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में एक चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने इसे एक सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि राम मंदिर जैसे पवित्र स्थल को लेकर उठे कथित घोटालें के आरोपों से हिन्दू जनसमाज बहुत आहत हुआ था। लेकिन अब निष्पक्ष जांच से सच सामने आ जाएगा