अयोध्या के राजघाट पर महायज्ञ के समापन पर भीषण आग, मची अफरा-तफरी, राहत बचाव कार्य जारी

Rajghat Mahayagya Fire: अयोध्या के राजघाट पर श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के समापन के दौरान भीषण आग लग गई। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और प्रशासन ने स्थिति पर काबू पाया। कोई जनहानि नहीं हुई है।
Massive Fire at Ayodhya Rajghat During Mahayagya Closing Ceremony Rescue Operations Underway
अयोध्या के राजघाट पर भीषण आग (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Fire At Ayodhya Mahayagya: अयोध्या के पावन राजघाट पर आयोजित नौ दिवसीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के समापन के समय अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना के दौरान वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। अयोध्या महायज्ञ में आग की जानकारी मिलते ही प्रशासन और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया। शनिवार 28 मार्च 2026 को दोपहर को घटी इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत पैदा कर दी लेकिन समय पर की गई कार्रवाई ने बड़े खतरे को टाल दिया।

घटना का विवरण

राजघाट पर स्वामी जीयर जी महाराज के सानिध्य में 108 कुंडीय महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा था जिसकी अध्यक्षता परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने की। शनिवार को जब इस नौ दिवसीय अनुष्ठान की पूर्णाहुति संपन्न हो रही थी तभी अचानक यज्ञशाला के ऊपरी हिस्से में आग की भयंकर लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे परिसर में धुआं फैल गया जिसके बाद दमकल कर्मियों को तुरंत सूचना दी गई।

आग का कारण

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब अंतिम आहुति दी जा रही थी तभी तेज हवाओं के कारण हवन कुंड से निकली एक छोटी सी चिंगारी छप्पर तक पहुंच गई। शुष्क मौसम और तेज हवा की वजह से आग बहुत तेजी से फैली और उसने पास में स्थित गौशाला के सूखे चारे और छप्पर को भी जला दिया। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पूरे यज्ञ स्थल को खाली कराने के आदेश दिए ताकि वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति को चोट न आए।

नुकसान और घायल

शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया है कि इस भीषण आग की चपेट में आने से तीन से चार लोग मामूली रूप से झुलस गए जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। हालांकि जिला प्रशासन और संबंधित मंत्री ने अभी तक किसी भी गंभीर जनहानि या किसी की मृत्यु होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है जो एक बड़ी राहत की बात है। आगजनी के कारण यज्ञशाला में रखे धार्मिक सामान और अन्य व्यवस्थाओं को भारी नुकसान पहुंचा है जिसकी कीमत लाखों में आंकी जा रही है।

प्रशासनिक मुस्तैदी

अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फंडे और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की स्वयं निगरानी की और सुरक्षा व्यवस्था को और बढ़ा दिया। दमकल की कई गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद अलग-अलग स्थानों पर लगी आग पर काबू पाया और उसे और अधिक फैलने से सफलतापूर्वक रोक दिया। एसएसपी ने बताया कि मुख्य यज्ञशाला के अलावा करीब 700 मीटर दूर एक अन्य स्थान पर भी आग लगी थी जिसे समय रहते पूरी तरह बुझा लिया गया।

परिवहन मंत्री का बयान

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने स्पष्ट किया कि जब आग लगी तब पूर्णाहुति हो चुकी थी और यज्ञशाला लगभग पूरी तरह खाली हो चुकी थी इसलिए बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने बताया कि 9 दिनों तक चला यह धार्मिक अनुष्ठान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ था लेकिन समापन के समय हुई इस घटना ने सबको थोड़ा विचलित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस और डॉक्टर भी घटनास्थल पर तैनात रहे ताकि घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान की जा सके।

राहत और बचाव

वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और दमकल विभाग की टीमें कुलिंग प्रक्रिया को पूरा करने में लगी हैं ताकि आग दोबारा किसी स्थान पर न भड़के। प्रशासन अब आग लगने के असल कारणों की गहन जांच कर रहा है ताकि भविष्य में होने वाले बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें। अयोध्या पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न देने की विशेष अपील की है क्योंकि स्थिति सामान्य है।

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