अखिलेश यादव के साथ अवधेश प्रसाद (सोर्स- सोशल मीडिया)
Shankaracharya vs Yogi: उत्तर प्रदेश की सियासत में धर्म और राजनीति की नई टक्कर देखने को मिल रही है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर अब फैजाबाद संसदीय सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ कर दिया है कि संतों की पहचान समाज करता है, सरकार नहीं। इस जुबानी जंग ने प्रदेश के सियासी माहौल को और गरमा दिया है।
इस मामले ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह बयानबाजी और तेज हो सकती है, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर धार्मिक प्रतिष्ठा और उस पर की गई राजनीतिक टिप्पणी दोनों से जुड़ा हुआ है। अवधेश प्रसाद के बयान के बाद यह बहस छिड़ गई है कि धार्मिक पदों पर आसीन व्यक्तियों को लेकर सरकार का हस्तक्षेप कितना सही है।
सांसद अवधेश प्रसाद ने सीएम योगी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शंकराचार्य कौन होगा, इसका निर्णय सरकार नहीं करेगी। इसका फैसला समाज करता है। जिसकी पहचान साधु और संत के रूप में है, उसे वहां का रहने वाला समाज भली-भांति पहचानता है। उन्हें किसी भी तरह के सरकारी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती।
उन्होंने जोर देकर कहा कि शंकराचार्य एक विचारधारा है और जनता के मन में साधु-संतों को लेकर एक गहरी आस्था होती है, जिसमें किसी भी सरकार को प्रमाण पत्र देने की आवश्यकता नहीं होती है। धार्मिक परंपराओं और आस्थाओं का अपना एक स्वतंत्र स्वरूप होता है, जिसे सियासी चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। सपा सांसद के इस बयान के बाद इस मुद्दे पर बवाल बढ़ने के आसार साफ दिख रहे हैं।
शंकराचार्य विवाद के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर दिए गए भाषण पर भी अवधेश प्रसाद ने अपनी बात रखी। जब उनसे पूछा गया कि क्या 2027 के चुनावों का खाका खींचा जा चुका है, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। अवधेश प्रसाद ने कहा कि किसी भी प्रकार का कोई भी खाका अभी तय नहीं किया गया है।
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उन्होंने दावा किया कि 2027 में पीडीए की सरकार बनेगी और यह सरकार अखिलेश यादव के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों, युवाओं, मजदूरों और पीडीए समाज के सभी वर्गों को समर्पित रहेगी। उन्होंने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश का विकास नहीं हुआ है, बल्कि विकास को रोका गया है। 2027 में सपा सरकार बनते ही सूबे में सभी रुके हुए विकास कार्यों को फिर से गति दी जाएगी।