यूजीसी रोलबैक की चिंगारी ने पकड़ी रफ्तार; 18 सितंबर को 5 हजार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ कलेक्ट्रेट कूच

UGC New Rules Protest: आगरा में UGC की नई व्यवस्था के विरोध में शुरू हुआ धरना अनिश्चितकालीन हो गया है। 18 सितंबर को 5 हजार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और करीब 50 हजार लोगों के साथ कलेक्ट्रेट कूच का ऐलान किया।
UGC Rollback Protest in Agra Protesters Announce March to Collectorate with 5000 Tractors
धरना(सोर्स- फोटो नवभारत)
Published on
Updated on

UGC Rollback Protest Agra: केंद्र सरकार की नई यूजीसी व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ विरोध अब लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है। सामान्य वर्ग के छात्र और सवर्ण समाज के लोग इसे लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। जयपुर से नई दिल्ली के जंतर-मंतर तक निकाले गए मार्च के बाद आंदोलन की आंच अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुकी है। आगरा में भी तहसील स्तर से लेकर शहर तक विरोध का असर दिखाई देने लगा है।

यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर छह सितंबर से शुरू हुआ धरना अब अनिश्चितकालीन धरने में तब्दील हो गया है। एत्मादपुर क्षेत्र के गढ़ी रामी-कुबेरपुर कट पर सवर्ण समाज और युवाओं का धरना लगातार जारी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

18 सितंबर को बड़ा कार्यक्रम घोषित

प्रदर्शन कार्यो ने एक बड़ा ऐलान किया है जी नन्हे तौर पर सरकार और आगरा प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। आंदोलन को लेकर अब 18 सितंबर को बड़ा कार्यक्रम घोषित किया गया है। आंदोलनकारियों ने दावा किया है कि 5 हजार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और करीब 50 हजार लोगों के साथ जिला मुख्यालय की ओर कूच किया जाएगा।

UGC Rollback Protest in Agra Protesters Announce March to Collectorate with 5000 Tractors
मथुरा में युवा संवाद कार्यक्रम, 200 युवाओं ने राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सेवा का लिया संकल्प

इस दौरान कलेक्ट्रेट घेराव का भी ऐलान किया गया है। प्रस्तावित कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता गांव-गांव पहुंचकर जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा है कि अगर पुलिस और प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वहीं पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो जाएगा।

गांवों में पहुंच रही आंदोलन की टीम

आंदोलनकारियों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों से भी उन्हें समर्थन मिल रहा है। टीमों द्वारा किसानों, युवाओं और सवर्ण समाज के लोगों से संपर्क कर 18 सितंबर के कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की जा रही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह लड़ाई किसी एक वर्ग की नहीं बल्कि छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।

किसान नेता अंशुमान ठाकुर ने कहा कि आंदोलनकारियों की नजर में यूजीसी की नई व्यवस्था छात्रों और नौजवानों को बांटने वाली है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए और इस कानून/व्यवस्था को वापस लेकर छात्रों के हित में निर्णय करना चाहिए।

आंदोलनकारियों ने साफ किया है कि 18 सितंबर का कलेक्ट्रेट कूच अब उनके आंदोलन का बड़ा पड़ाव होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में आगरा में यूजीसी रोलबैक आंदोलन के और तेज होने के आसार हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार और प्रशासन इस प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन को लेकर क्या कदम उठाते हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com