सरकार बनाना जानते हैं तो गिराना भी जानते हैं, UGC के खिलाफ आगरा में सवर्ण समाज का अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू

UGC Controversy Agra: आगरा के शहीद स्मारक पर UGC रोलबैक आंदोलन के तहत सवर्ण समाज ने सत्याग्रह शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी प्रावधान वापस लेने, सवर्ण आयोग और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग की।
UGC Rollback Movement Savarna Community Begins Indefinite Satyagraha  Agra
आगरा(सोर्स- फोटो नवभारत)
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UGC Rollback Movement: जयपुर से क्षत्रिय करणी सेना की ओर से शुरू हुआ यूजीसी रोलबैक आंदोलन अब दिल्ली के जंतर-मंतर से होते हुए देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के बाद आंदोलनकारियों में आक्रोश और बढ़ गया है। आगरा में भी इस आंदोलन की चिंगारी देहात से लेकर शहर तक पहुंच चुकी है। खेरागढ़, शमशाबाद, फतेहाबाद और एत्मादपुर में प्रदर्शन के बाद अब आगरा के शहीद स्मारक पर बड़ी संख्या में लोग जुटे और सत्याग्रह शुरू किया।

शहीद स्मारक पर आयोजित सत्याग्रह में आगरा के अलावा मथुरा, हाथरस, अलीगढ़, इटावा और मैनपुरी सहित कई जिलों से लोग पहुंचे। सुबह से ही प्रदर्शन स्थल पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए यूजीसी से जुड़े प्रावधानों को वापस लेने की मांग की।

सरकार यूजीसी के विवादित प्रावधानों को वापस ले

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मुख्य मांगें स्पष्ट हैं। सरकार यूजीसी के विवादित प्रावधानों को वापस ले, सवर्ण आयोग का गठन किया जाए और जातिगत आरक्षण समाप्त कर आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था लागू की जाए। वक्ताओं ने कहा कि सवर्ण समाज के खिलाफ किसी भी कथित सरकारी साजिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आंदोलनकारियों ने सरकार को राजनीतिक चेतावनी देते हुए कहा, "हमने सरकार को वोट देकर बनाया है। अगर हम सरकार बनाना जानते हैं तो सरकार गिराना भी बड़ी बात नहीं है। अब हमारा वोट उसी को जाएगा जो सवर्ण समाज की बात करेगा।"

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आगरा सत्याग्रह के संयोजक अरुण उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को समझना होगा कि यूजीसी से जुड़े कानून को हर हाल में वापस लेना होगा। उन्होंने कहा कि यह एक दिन का आंदोलन नहीं बल्कि अनिश्चितकालीन सत्याग्रह है।

उन्होंने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था में सवर्ण समाज के गरीब बच्चों को शिक्षा और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। अरुण उपाध्याय ने जातिगत आरक्षण की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग की। उन्होंने एससी/एसटी एक्ट को लेकर भी विरोध जताया और इसे समाप्त करने की मांग रखी।

सरकार ने मांगों पर विचार नहीं किया तो आंदोलनकारी करेंगे भूख हड़ताल

अखिल भारत ब्राह्मण एकता के प्रवीन पंडित ने कहा कि यूजीसी रोलबैक के साथ एससी/एसटी कानून को भी समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर विचार नहीं किया तो आंदोलनकारी भूख हड़तालका रास्ता भी अपना सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक सत्याग्रह जारी रहेगा।

विभिन्न वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब सवर्ण समाज अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। आंदोलनकारियों का दावा है कि आगरा से शुरू हुआ यह सत्याग्रह आने वाले दिनों में आंदोलन के लिए मील का पत्थर साबित होगा और इसका असर प्रदेश से लेकर केंद्र की राजनीति तक दिखाई देगा।

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