Taj Mahal या तेजोमहालय: अजय तोमर का बड़ा दावा, कहा - यह शिव मंदिर है, सावन में कराएंगे जलाभिषेक

Taj Mahal Case In Court: आगरा में ताजमहल को लेकर तेजोमहालय विवाद एक बार फिर चर्चा में है। योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष अजय तोमर ने ताजमहल को मूल शिव मंदिर और राजा मानसिंह की धरोहर बताया।
Taj Mahal or Tejo Mahalaya Debate Rekindled, Yogi Youth Brigade Leader Reiterates Shiva Temple Claim
ताजमहल (सोर्स- फोटो नवभारत)
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Yogi Youth Brigade Statement On Taj Mahal Case: दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल एक बार फिर अपने इतिहास को लेकर चर्चा के केंद्र में है। एक ओर इसे मुगल बादशाह शाहजहां द्वारा अपनी बेगम मुमताज महल की याद में बनवाया गया मकबरा माना जाता है, वहीं दूसरी ओर कुछ हिंदू संगठन इसे प्राचीन शिव मंदिर "तेजोमहालय" बताते रहे हैं। इसी विवाद को लेकर योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर ने एक बार फिर अपने दावों को दोहराया है।

ताजमहल नही भगवान शिव का मंदिर "तेजोमहालय"

नवभारत से विशेष बातचीत में अजय तोमर ने कहा कि ताजमहल हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है और यह मूल रूप से भगवान शिव का मंदिर "तेजोमहालय" है। उनका कहना है कि इस मामले को न्यायालय में ले जाया जा चुका है और उन्हें विश्वास है कि सत्य की जीत होगी।

अजय तोमर का दावा है कि वर्ष 1212 में राजा परमादिदेव ने यमुना तट पर एक विशाल शिव मंदिर का निर्माण कराया था। बाद में यह राजा मानसिंह की धरोहर बना और उन्होंने मंदिर को सुरक्षित रखा। उनका आरोप है कि मुगल बादशाह शाहजहां ने इस संपत्ति पर कब्जा कर इसे ताजमहल के रूप में विकसित कराया।

ताजमहल की वास्तुकला हिंदू संस्कृति के प्रतीक

उन्होंने यह भी कहा कि ताजमहल की वास्तुकला पर यदि बारीकी से नजर डाली जाए तो कई ऐसे प्रतीक दिखाई देते हैं जिन्हें वे हिंदू संस्कृति से जुड़ा बताते हैं। उनके अनुसार कलश, त्रिशूल जैसी आकृतियां, कमल, नारियल और आम के पत्तों की डिजाइन इस बात का संकेत देती हैं कि यह भवन मूल रूप से हिंदू स्थापत्य का हिस्सा था।

अजय तोमर ने यह भी सवाल उठाया कि यदि मुमताज महल का निधन बुरहानपुर में हुआ था, तो उनका मकबरा आगरा में कैसे बना। उन्होंने कहा कि इस विषय पर कई ऐतिहासिक प्रश्न हैं, जिनका उत्तर अभी भी सामने आना बाकी है।

सावन माह में तेजोमहालय में भगवान शिव का जलाभिषेक

योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने आगरा न्यायालय में वाद दायर कर सावन माह में कथित तेजोमहालय में भगवान शिव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक करने की अनुमति मांगी है। इस मांग के समर्थन में वह साधु-संतों के बीच हस्ताक्षर अभियान भी चला चुके हैं।

हालांकि, उल्लेखनीय है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और अधिकांश इतिहासकार ताजमहल को शाहजहां द्वारा 17वीं शताब्दी में मुमताज महल की स्मृति में निर्मित मकबरा मानते हैं। "तेजोमहालय" संबंधी दावों को आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया गया है और इस विषय पर विभिन्न न्यायालयों में दायर याचिकाओं पर समय-समय पर सुनवाई होती रही है।

ऐसे में ताजमहल और तेजोमहालय को लेकर बहस एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही है। अब सभी की नजर इस मामले में न्यायालय की आगामी कार्यवाही पर टिकी है।

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