

Taj Mahal Tejo Mahalaya Case: ताजमहल को तेजोमहालय बताकर वहां पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक की अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर चल रहे मामले में आज जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई।
यह याचिका योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर की ओर से वर्ष 2024 में दाखिल किया गया था। मामले की सुनवाई अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन सप्तम की अदालत में हुई।
सुनवाई के दौरान पक्षकार बनने के लिए अर्जी दाखिल करने वाले सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी की ओर से अधिवक्ता अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद कोर्ट ने विपक्षी पक्ष के अधिवक्ता को सूचना के लिए समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 सितंबर की तारीख निर्धारित की।
याचिकाकर्ता अजय तोमर का कहना है कि ताजमहल वास्तव में तेजोमहालय शिव मंदिर है और हिंदू पक्ष के पास अपने दावे के समर्थन में ठोस साक्ष्य मौजूद हैं। उनका कहना है कि इसी आधार पर अदालत से तेजोमहालय में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-पाठ, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक की अनुमति मांगी गई है।
अजय तोमर ने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष लगातार न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है और उनके पास अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मामला वर्ष 2024 से न्यायालय में विचाराधीन है और हिंदू पक्ष अपने अधिकार की लड़ाई कानूनी तरीके से लड़ रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि तेजोमहालय में पूजा-अर्चना की अनुमति मिलने तक उनकी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।
फिलहाल अदालत की अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी। अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं कि इस मामले में अदालत के समक्ष दोनों पक्ष किस तरह के तर्क और साक्ष्य पेश करते हैं।