

Taj Mahal Promotional Shoot Video: विश्व धरोहर ताजमहल एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर चर्चा में है। ताजमहल परिसर में कथित रूप से साड़ी ब्रांड के प्रमोशनल शूट का वीडियो सामने आने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे करीब 40 सेकंड के वीडियो में एक महिला ताजमहल के विभिन्न हिस्सों में दिखाई दे रही है और कथित तौर पर एक साड़ी ब्रांड का नाम लेते हुए उसका प्रचार करते हुए दिखाई दे रही है।
ताजमहल परिसर में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक, विज्ञापन अथवा प्रमोशनल गतिविधि को लेकर सख्त नियम लागू हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा ताजमहल और उसके आसपास के संरक्षित क्षेत्र की गरिमा एवं संरक्षण को लेकर समय-समय पर दिए गए निर्देशों तथा भारत सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की गाइडलाइंस के अनुसार स्मारक परिसर का उपयोग व्यावसायिक प्रचार-प्रसार के लिए नहीं किया जा सकता। ऐसी गतिविधियों के लिए निर्धारित प्रक्रिया और पूर्व अनुमति अनिवार्य होती है।
वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया में लोग टिप्पणी कर रहे हैं कि यह आगरा में आयोजित होने वाली एक साड़ी प्रदर्शनी के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यदि यह दावा सही पाया जाता है और संबंधित अनुमति नहीं ली गई है, तो इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों तथा ASI के नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा जा सकता है।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर इतनी संवेदनशील और संरक्षित धरोहर के भीतर इस तरह का कथित प्रमोशनल कंटेंट कैसे शूट कर लिया गया। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि बिना सुरक्षा एजेंसियों और स्मारक प्रबंधन की जानकारी के इस प्रकार की गतिविधि संभव नहीं लगती। इसी वजह से ASI कर्मचारियों और सुरक्षा व्यवस्था की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हालांकि, अभी तक ASI या संबंधित अधिकारियों की ओर से वीडियो की सत्यता, अनुमति की स्थिति अथवा किसी संभावित जांच को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन वायरल वीडियो ने एक बार फिर ताजमहल की सुरक्षा, मॉनिटरिंग और नियमों के अनुपालन को लेकर बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।