

Agra Jagner Waterlogging: आगरा में बारिश ने जहां शहर से लेकर देहात तक सड़कों और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है, वहीं खेरागढ़ तहसील क्षेत्र के जगनेर में लंबे समय से जलभराव की समस्या झेल रहे ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़क से तहसील तक पहुंच गया। प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए ग्रामीणों ने ऐसा अनोखा प्रदर्शन किया कि तहसील परिसर में ही ढोल-नगाड़े बजने लगे और महिलाओं ने भजन-कीर्तन शुरू कर दिया।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह और पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रामनाथ सिकरवार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टरों पर सवार होकर खेरागढ़ तहसील पहुंचे। प्रदर्शन में महिलाओं की बड़ी संख्या रही। ग्रामीणों का आरोप है कि जगनेर के वार्ड संख्या दो और सात में पिछले करीब तीन वर्षों से जलभराव और गंदगी की समस्या बनी हुई है।
बारिश के दौरान हालात और बदतर हो जाते हैं। सड़कों पर पानी भरने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है और आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना था कि शिकायतों के बावजूद नगर पंचायत और प्रशासन की ओर से समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया। इसी नाराजगी के चलते महिलाओं ने तहसील परिसर में ही बैठकर भजन-कीर्तन शुरू कर दिया। ढोल-नगाड़ों के बीच महिलाओं ने गाने गाकर प्रशासन का ध्यान अपनी समस्या की ओर खींचा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। इसके बाद ग्रामीण तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों के मुताबिक करीब 200 परिवार लंबे समय से जलभराव और गंदगी के कारण नारकीय स्थिति में रहने को मजबूर हैं।
मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम नरेंद्र गंगवार मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने जल्द जल निकासी की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासन को समस्या के समाधान के लिए समय दिया।
अब देखना यह होगा कि तहसील परिसर में गूंजे ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन की आवाज प्रशासनिक फाइलों से निकलकर जमीन पर जल निकासी की व्यवस्था तक पहुंचती है या फिर ग्रामीणों को एक बार फिर बारिश के पानी के बीच आंदोलन का सहारा लेना पड़ेगा।