

Pakistan Remarks On India: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में कथित अवैध मस्जिद के खिलाफ हुई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की टिप्पणी के बाद अब आगरा में भी सियासी और सामाजिक माहौल गरमा गया है। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की ओर से भारत में मुस्लिम इतिहास और इस्लामी प्रतीकों को खत्म किए जाने का आरोप लगाए जाने के विरोध में हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया।
आगरा किला के बाहर हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री के पुतले का दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पाकिस्तान सरकार और उसके विदेश मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अज्जू चौहान, प्रदेश प्रवक्ता अवतार सिंह गिल और जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने संयुक्त रूप से पाकिस्तान की टिप्पणी पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि भारत अपने आंतरिक मामलों और कानून-व्यवस्था से जुड़े फैसले लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। पाकिस्तान को भारत के मामलों में टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
अज्जू चौहान ने पाकिस्तान पर पलटवार करते हुए कहा कि ‘भारत के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने वाला पाकिस्तान कौन होता है।’ उन्होंने पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों और गुरुद्वारों की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि वहां अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक स्थलों और लोगों के अधिकारों को लेकर गंभीर परिस्थितियां हैं।
हिंदू महासभा नेताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का समर्थन करते हुए कहा कि प्रदेश में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही है और हिंदू महासभा ऐसे कदमों का समर्थन करती है।
प्रदर्शन के दौरान अज्जू चौहान ने यहां तक कहा कि अगर सरकार अनुमति दे तो पाकिस्तान की टिप्पणी का जवाब देने के लिए कार्यकर्ता पाकिस्तान तक जाने को तैयार हैं। हालांकि, यह बयान संगठन के आक्रोश और प्रदर्शन के दौरान व्यक्त की गई प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही विपक्ष को भी निशाने पर लेते हुए ‘जो राम की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा’ जैसे नारे लगाए गए।
कुल मिलाकर, सहारनपुर की कार्रवाई पर पाकिस्तान की टिप्पणी ने अब आगरा में भी विरोध का रूप ले लिया है। हिंदू महासभा ने साफ कर दिया है कि भारत के आंतरिक मामलों में पाकिस्तान की किसी भी टिप्पणी का वह विरोध करेगी।