फर्जी CSC आईडी से 50 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा; आगरा पुलिस ने पकड़ा अंतरराज्यीय गिरोह, दो गिरफ्तार

Agra Cyber Fraud: आगरा पुलिस ने फर्जी CSC आईडी, नकली लिंक और APK फाइलों के जरिए 50 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
Agra Police Bust Interstate Cyber Fraud Gang Using Fake CSC IDs, Scam Worth Over ₹50 Crore Exposed
गिरफ्तार आरोपी (फोटो नवभारत)
Updated on

Cyber Fraud In The Name Of Common Service Center: सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन सेवाओं का सबसे बड़ा माध्यम माने जाने वाले कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) का नाम अब साइबर अपराधियों के निशाने पर है। अगर आप भी आधार अपडेट, पैन कार्ड, प्रमाण पत्र या किसी सरकारी सेवा के लिए किसी जन सेवा केंद्र का सहारा लेते हैं, तो अब पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। क्योंकि साइबर ठग फर्जी CSC आईडी, नकली लिंक और APK फाइलों के जरिए लोगों की जेब पर डाका डाल रहे हैं।

अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश

आगरा पुलिस ने ऐसे ही एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने केवल आगरा ही नहीं बल्कि देशभर के लोगों को निशाना बनाया। जांच में सामने आया कि गिरोह का नेटवर्क हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड से लेकर दुबई तक फैला हुआ है। आरोपियों के अलग-अलग काम तय थे। कोई फर्जी CSC आईडी तैयार करता था, कोई लिंक भेजता था, तो कोई ठगी की रकम को अलग-अलग खातों और वॉलेट में ट्रांसफर करता था।

जन सेवा केंद्र के माध्यम से हुआ साइबर फ्रॉड

डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार के मुताबिक, आगरा के एक पीड़ित ने शिकायत की थी कि जन सेवा केंद्र के माध्यम से उसके साथ साइबर फ्रॉड हुआ और बाद में दूसरे राज्य की पुलिस की कार्रवाई का सामना भी करना पड़ा। साइबर सेल की जांच आगे बढ़ी तो करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड का पूरा नेटवर्क सामने आ गया।

पुलिस ने सिद्धार्थनगर निवासी आयुष कुमार और उत्तराखंड के उधम सिंह नगर निवासी राजा उर्फ गुल प्रेम कुमार को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आगरा में ही करीब 10 से 12 करोड़ रुपये और पूरे नेटवर्क के जरिए 50 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की गई।

फिलहाल साइबर क्राइम पुलिस आरोपियों के डिजिटल साक्ष्यों और करीब 1 करोड़ रुपये के संदिग्ध CSC वॉलेट ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। गिरोह से जुड़े पांच अन्य आरोपी पुलिस की रडार पर हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com