आगरा जनकपुरी महोत्सव 2026: रथ पर सवार होकर महल पहुंचे प्रभु श्रीराम-माता सीता, दर्शन कर निहाल हुए श्रद्धालु

Ramleela Mahotsav: जनकपुरी महोत्सव में प्रभु श्रीराम-माता सीता की रथ यात्रा, आरती और हनुमान चालीसा पाठ ने श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। भजन गायक द्वारा रामायण की चौपाइयों से पूरा क्षेत्र राममय हो उठा।
Agra Janakpuri Mahotsav 2026: Kumar Vishu Bhajans  Ram-Sita Rath Procession Fill Janakpuri with Devotion
प्रभु श्रीराम-माता सीता की रथ यात्रा(सोर्स- नवभारत लाइव)
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Agra Janakpuri Ramleela Mahotsav 2026: “जनकपुर मंगल भया, राम सिया संग आए…” श्रीरामलीला महोत्सव 2026 के अंतर्गत जनकपुरी महोत्सव के दूसरे दिन भावना एस्टेट रोड पर भक्ति, आस्था और उल्लास का ऐसा संगम दिखाई दिया, मानो त्रेतायुग की मिथिला नगरी एक बार फिर जीवंत हो उठी हो। गोधूली बेला में फूलों से सजे मार्ग, जगमगाती रोशनी और श्रद्धालुओं की जयकार के बीच जब रथ पर प्रभु श्रीराम, माता सीता और चारों भाइयों के स्वरूप जनक महल की ओर बढ़े, तो पूरा वातावरण राममय हो गया। हाथ जोड़कर दर्शन करते श्रद्धालुओं के बीच हर ओर जय श्रीराम के उद्घोष गूंजते रहे।

रामायण की चौपाइयों में वर्णित राम-सीता के मिलन और मिथिला की मंगलमयी परंपरा की छवि जनकपुरी में साकार होती नजर आई। रथ पर प्रभु श्रीराम और जनक दुलारी सीता के साथ लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूप विराजमान रहे। राजा दशरथ के स्वरूप संजय सिंघल और रानी कौशल्या के स्वरूप नीता सिंघल की मौजूदगी ने आयोजन की धार्मिक छटा को और बढ़ा दिया।

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रथ के जनक महल पहुंचते ही गूंजा जय श्रीराम

जैसे ही राम-सीता सहित सभी स्वरूप जनक महल पहुंचे, राजा जनक अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना लता गोयल ने आरती उतारकर उनका स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने प्रभु के दर्शन कर आशीर्वाद मांगा। सामूहिक आरती के बाद हनुमान चालीसा का पाठ शुरू हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक स्वर में हनुमान चालीसा का गायन किया तो पूरा परिसर भक्तिरस से सराबोर हो उठा।

“जय हनुमान ज्ञान गुन सागर,

जय कपीस तिहुँ लोक उजागर।”

हनुमान चालीसा की इन पंक्तियों के साथ जनकपुरी में भक्ति की लहर दौड़ गई। इंडिया गॉट टैलेंट फेम द क्रेजी हॉकर्स की प्रीति टीम ने नृत्य प्रस्तुति देकर सांस्कृतिक संध्या में रंग भर दिए।

कुमार विशु की आवाज में गूंजीं रामायण की चौपाइयां

भक्ति संध्या का प्रमुख आकर्षण प्रसिद्ध भजन गायक कुमार विशु की प्रस्तुति रही। उन्होंने रामायण की चौपाइयों, श्रीराम भजनों और संत कबीर के दोहों के जरिए श्रोताओं को भक्ति, प्रेम, सत्य और जीवन-दर्शन का संदेश दिया। उनकी आवाज में जब रामचरितमानस की अमर चौपाइयां गूंजने लगीं, तो श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

“मंगल भवन अमंगल हारी,

द्रवउ सो दसरथ अजिर बिहारी।”

इस चौपाई के गायन के साथ जनकपुरी का वातावरण भक्तिमय हो गया। कहीं श्रद्धालु रामनाम में लीन दिखाई दिए तो कहीं लोग भजनों की धुन पर भावविभोर होते नजर आए। इसके बाद संत कबीर की वाणी ने संध्या को आध्यात्मिक चिंतन से जोड़ दिया। कबीर के दोहों के माध्यम से जीवन में सदाचार, सत्य और आत्मबोध का महत्व प्रस्तुत किया गया।

रामायण की चौपाइयों, भजनों और कबीर की वाणी का यह संगम जनकपुरी महोत्सव की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक छटा को विशेष बना गया।

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फूलों से सजे मार्ग, रोशनी से जगमगाई जनकपुरी

गोधूली बेला में सजी जनकपुरी का दृश्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। फूलों से सजे रास्ते, रोशनी से जगमगाता जनक महल और रथ पर विराजमान राम-सीता के स्वरूपों ने पूरी नगरी को उत्सव के रंग में रंग दिया। रथ के आगे बढ़ने के साथ ही दोनों ओर खड़े श्रद्धालु हाथ जोड़कर प्रभु के दर्शन करते रहे।

“सिय राममय सब जग जानी,

करउँ प्रनाम जोरि जुग पानी।”

गोस्वामी तुलसीदास की इस चौपाई का भाव जनकपुरी के माहौल में साकार होता दिखाई दिया। श्रद्धालुओं के लिए यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि रामायण की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ने और प्रभु श्रीराम के आदर्शों को स्मरण करने का अवसर भी रहा।

केंद्रीय मंत्री से जिलाधिकारी तक पहुंचे गणमान्यजन

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, चौधरी उदयभान सिंह, मधु बघेल, जिलाधिकारी मनीष बंसल और श्रीरामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने प्रभु श्रीराम, माता सीता और चारों भाइयों के स्वरूपों के दर्शन किए तथा आरती में भाग लिया।

जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव के साथ संतोष कटारा, मनोज बंसल, अरविंद शर्मा, अजय गर्ग अवागढ़, संजय गोयल, अशोक गुप्ता, धर्मेश जैन, मनोज जादौन, हितेश लवानिया, सुनील पाठक, राणा सुशील सिंह, आकाश वाला, अंकुश मित्तल, पार्षद वेद प्रकाश गोस्वामी, नरेंद्र सिंह सेंगर, सतीश ठाकुर, नरेंद्र गुप्ता, प्रशांत जैन, अरुण तिवारी, अमृता पोरवाल, आरती शर्मा, शुचि खंडेलवाल, ऋषि खंडेलवाल और शीतल अग्रवाल सहित आयोजन से जुड़े अनेक लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. रुचि चतुर्वेदी और दीपक जैन ने किया। जनकपुरी महोत्सव की इस भक्तिमय शाम ने एक बार फिर आगरा की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया। रामायण की चौपाइयों, आरती, भजनों और राम-सीता के दिव्य स्वरूपों के दर्शन के बीच जनकपुरी में आस्था का ऐसा रंग बिखरा कि देर तक पूरा परिसर रामनाम से गूंजता रहा।

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