

Chhatrapati Sambhajinagar Ration Scam: छत्रपति संभाजीनगर में गरीबों के लिए निर्धारित राशन अनाज और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं को दिए जाने वाले पोषण आहार को काले बाजार में खपाने के मामले में अपराध शाखा की कार्रवाई के बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। इस बीच मामले में राजनीतिक संरक्षण और जांच पर दबाव की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
अपराध शाखा ने हाल ही में कार्रवाई करते हुए 17 लाख रुपये से अधिक मूल्य का राशन और पोषण आहार जब्त किया था। मामले में तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि पूर्व पार्षद कलीम उर्फ छोटू कुरैशी और आवेज कुरैशी अब भी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों की तलाश जारी है, लेकिन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
शहर के राजनीतिक हलकों में कलीम कुरैशी को प्रभावशाली व्यक्ति माना जाता है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और पदाधिकारियों से उसके करीबी संबंध होने की चर्चा है। ऐसे में यह सवाल उठाए जा रहे हैं कि कहीं राजनीतिक प्रभाव के कारण जांच की गति प्रभावित तो नहीं हो रही है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि केवल अनाज जब्त कर कार्रवाई पूरी नहीं मानी जा सकती। इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश होना जरूरी है। सरकारी योजनाओं का अनाज किसके निर्देश पर जमा किया जा रहा था, उसकी बिक्री कहां और किन लोगों के माध्यम से की जा रही थी तथा इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन शामिल हैं, इसकी गहन जांच की मांग की जा रही है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर अब पूरे शहर की नजरें छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। लोगों का मानना है कि यदि मुख्य आरोपियों तक जल्द पहुंचा नहीं गया, तो इस मामले को लेकर उठ रहे सवाल और भी गहरे हो सकते हैं।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट