

Railway Union Protest On Agra Cantt Dispute: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हीराकुंड एक्सप्रेस प्रकरण अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को मामले ने नया मोड़ ले लिया, जब ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी देश के विभिन्न हिस्सों से आगरा पहुंचकर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय पर एकत्रित हुए। उनके साथ एनसीआरएमयू और अन्य रेलवे यूनियनों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
डीआरएम कार्यालय परिसर में प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए मामले में शामिल सभी RPF कर्मियों की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग उठाई। प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है और दोषियों के खिलाफ कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
रेलवे संगठनों के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करने के साथ रेल संचालन प्रभावित करने और चक्का जाम जैसे कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।
उधर, पीड़ित डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर भी लगातार दोषी कर्मचारियों की गिरफ्तारी और सेवा से बर्खास्तगी की मांग पर कायम हैं। अब सभी की निगाहें रेलवे प्रशासन और जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं कि इस बहुचर्चित मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
उत्तर मध्य रेलवे के आगरा रेल मंडल के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हीराकुंड एक्सप्रेस प्रकरण अब लगातार नया मोड़ लेता जा रहा है। अब तक जहां पीड़ित डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर के समर्थन में ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन और एनसीआरएमयू ही मैदान में थे, वहीं अब रेलवे के कई अन्य कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने भी खुलकर उनका समर्थन करना शुरू कर दिया है। स्थानीय रेलकर्मियों की बड़ी संख्या भी नरेंद्र चाहर के साथ खड़ी दिखाई दे रही है।
संगठनों की प्रमुख मांग है कि मामले में नामजद सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए और उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए। रेलकर्मी संगठनों का कहना है कि यदि मंडल रेल प्रबंधक (DRM) स्तर पर जल्द और सख्त निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। कुछ संगठनों ने रेल संचालन प्रभावित करने और चक्का जाम जैसे कदम उठाने की चेतावनी भी दी है।
इस बीच "नव भारत" से विशेष बातचीत में पीड़ित डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर ने कहा कि उनकी केवल एक ही मांग है— मामले में शामिल सभी आरोपियों को बर्खास्त किया जाए और उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इससे कम उन्हें कुछ भी स्वीकार नहीं होगा।
नरेंद्र चाहर ने आरोप लगाया कि संबंधित RPF कर्मियों ने न केवल वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, बल्कि रेलवे प्रशासन और सरकार की छवि को भी नुकसान पहुंचाया है। उनका कहना था कि इस घटना ने आगरा रेल मंडल की प्रतिष्ठा को भी आघात पहुंचाया है।