Agra News: अमान्य स्कूलों की बढ़ी मुश्किलें! BSA का अल्टीमेटम, अब रोज लगेगा ₹10 हजार का हर्जाना; FIR की तैयारी

Agra Illegal Schools Fine: बिना मान्यता वाले स्कूलों द्वारा जुर्माना नहीं जमा किए जाने पर BSA ने कार्रवाई करते हुए दोबारा नोटिस भेजा है। मामले में बीएसए से जवाब तलब किया गया है।
Agra Unrecognized Schools BSA Action
आगरा बिना मान्यता संचालित निजी विद्यालयों के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग की कार्रवाई जारीसोर्स- नवभारत लाइव
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Agra Unrecognized Schools BSA Action: जिले में बिना मान्यता संचालित हो रहे निजी विद्यालयों के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन पहले जारी किए गए नोटिसों के बाद हुई कार्रवाई का पूरा ब्योरा अभी सामने नहीं आया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ.राकेश सिंह ने सात सितंबर को 58 निजी विद्यालयों और 73 मदरसों को नोटिस जारी कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

प्रत्येक संबंधित संस्थान पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने, संचालन तत्काल बंद करने और आदेश का उल्लंघन करने पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये अतिरिक्त हर्जाना व एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई थी।

10 हजार रुपये के हिसाब से अतिरिक्त हर्जाना

नोटिस जारी हुए करीब 12 दिन से अधिक का समय बीत चुका है। इसके बाद अब विभाग की ओर से बताया गया है कि करीब 45 विद्यालयों ने अभी तक जुर्माने की राशि जमा नहीं की है। बीएसए डॉ. राकेश सिंह के मुताबिक ऐसे विद्यालयों को दोबारा नोटिस जारी किया गया है।

साथ ही स्पष्ट किया गया है कि कार्रवाई की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों को प्रतिदिन 10 हजार रुपये के हिसाब से अतिरिक्त हर्जाना अदा करना होगा।

45 विद्यालयों ने नहीं जमा किया जुर्माना

बीएसए डॉ.राकेश सिंह ने कहा कि जिले में गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। उनके अनुसार देहात क्षेत्र में अभी भी दर्जनों ऐसे विद्यालय हैं, जो बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। पहले चरण में कार्रवाई के बाद करीब 45 विद्यालयों ने जुर्माना जमा नहीं किया है, जिन्हें पुनः नोटिस दिया गया है।

विभाग की कार्रवाई के मुताबिक 58 विद्यालयों पर एक-एक लाख रुपये के हिसाब से करीब 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। ऐसे में अब सवाल यह है कि कुल कितनी धनराशि वसूल हुई और कितने विद्यालयों ने अभी तक जुर्माना जमा नहीं किया है। बीएसए के बयान से यह जरूर स्पष्ट हुआ है कि करीब 45 विद्यालय अभी जुर्माने की कार्रवाई के दायरे में हैं।

बच्चों की पढ़ाई को लेकर भी सवाल

कार्रवाई के बीच सबसे महत्वपूर्ण सवाल उन बच्चों की पढ़ाई को लेकर है, जो इन विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। यदि गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों का संचालन बंद कराया जाता है तो वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नजदीकी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में स्थानांतरित किया गया है या नहीं, इसका स्पष्ट आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।

देहात क्षेत्र के जयपुर कला, फतेहाबाद और फतेहपुर सीकरी समेत कई इलाकों में ऐसे विद्यालयों के संचालन की शिकायतें सामने आती रही हैं। वहीं नगर क्षेत्र में भी बिना मान्यता संचालित विद्यालयों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों की चिंता बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य को लेकर है।

नोटिस के बाद कार्रवाई का इंतजार

बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से हाल के दिनों में 45 और विद्यालयों को नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे साफ है कि विभाग ने अभियान को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। हालांकि पहले चरण में जारी नोटिसों के बाद कितने विद्यालय वास्तव में बंद हुए, कितनी जुर्माना राशि जमा हुई और कितने मामलों में एफआईआर दर्ज की गई, इसका विस्तृत आंकड़ा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।

मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक धीरेंद्र कुमार के अनुसार इस मामले में बीएसए से जवाब तलब किया गया है। ऐसे में विभागीय स्तर पर कार्रवाई की प्रगति और उसके आंकड़े सामने आने का इंतजार है।

बीएसए बोले- कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

बीएसए डॉ.राकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के खिलाफ अभियान रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि देहात क्षेत्र में अभी भी दर्जनों विद्यालय बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई की जाएगी। जिन विद्यालयों ने निर्धारित जुर्माना जमा नहीं किया है, उन्हें दोबारा नोटिस दिया गया है और नियमों के अनुसार प्रतिदिन 10 हजार रुपये के हिसाब से अतिरिक्त हर्जाना भी देना होगा।

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फिलहाल बीएसए के लगातार नोटिस और कार्रवाई से अमान्य विद्यालय संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। अब देखना यह होगा कि विभाग की यह कार्रवाई नोटिस और जुर्माने तक सीमित रहती है या गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के संचालन पर वास्तव में प्रभावी रोक लगती है। साथ ही अभिभावकों की नजर इस बात पर भी है कि कार्रवाई की स्थिति में इन विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई के लिए विभाग क्या वैकल्पिक व्यवस्था करता है।

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