आगरा में अफसरों पर BJP मंत्री का फूटा गुस्सा, जमकर लगाई फटकार, बोलीं- सीएम तक ले जाएंगे शिकायतें

Agra Farmers Issues: आगरा में किसानों की समस्याओं और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने को लेकर मंगलवार को सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में जमकर सवाल उठे। मंत्री बेबी रानी मौर्य ने अफसरों को फटकार लगाई।
Agra Farmers Issues
किसानों की समस्याएं सुनती हुईं मंत्री बेबी रानी मौर्य(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Highlights:

  • जमीन अधिग्रहण के बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं मिला

  • 3.20 करोड़ की गोशाला निर्माण राशि पर सवाल

  • मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा सीएम तक शिकायतें पहुंचेंगी

Minister Baby Rani Maurya: आगरा में किसानों की समस्याओं और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने को लेकर मंगलवार को सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में जमकर सवाल उठे। कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य और प्रतिनिधि यशपाल राणा के सामने किसानों ने जमीन के मुआवजे, गोशालाओं के अधूरे निर्माण, आलू भंडारण अनुदान, डीएपी की कमी और नहरों की सफाई में गड़बड़ी के मुद्दे उठाए।

किसानों ने आरोप लगाया कि कई योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है और कुछ मामलों में काम अधूरा होने के बावजूद अधिकारियों ने उसे पूरा मान लिया है। इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों की शिकायतें मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का भी आश्वासन दिया।

17 साल से मुआवजे का इंतजार

किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने इनर रिंग रोड के लैंड पार्सल-3 के तहत रोहता से जखोड़ा तक अधिग्रहीत जमीन का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि साल 2008-09 में किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई थी, लेकिन 17 साल बाद भी उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। किसानों का जमीन पर भौतिक कब्जा भी बना हुआ है।

उन्होंने मांग की कि परियोजना के लिए जितनी जमीन जरूरी है, उतनी ही रखी जाए और बाकी जमीन किसानों को वापस की जाए। उनका प्रस्ताव था कि 100 मीटर चौड़े प्रस्तावित हिस्से में 30 मीटर सड़क बनाने के बाद शेष 70 मीटर जमीन किसानों को लौटा दी जाए। इसके लिए बोर्ड से प्रस्ताव पारित कराने की मांग की गई।

किसानों ने कहा कि उनकी मांग पर फैसला होने के बाद ही सड़क निर्माण की अनुमति दी जाएगी। इस पर मंत्री और अधिकारियों ने नियमों के तहत बोर्ड की बैठक बुलाकर समाधान निकालने का आश्वासन दिया।

गोशालाओं का निर्माण अधूरा, जांच के निर्देश

किसान नेता मुकेश पाठक ने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी पांडेय पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गोशालाओं के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 3.20 करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन अछनेरा और कुरा चित्ररपुर समेत कई स्थानों पर काम अधूरा है। इसके बावजूद विभाग ने गोशालाओं को अपने हैंडओवर में ले लिया।

उन्होंने निर्माण कार्य में कमीशनखोरी की आशंका भी जताई। इस पर मंत्री ने जिलाधिकारी को मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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आलू भंडारण अनुदान पर नाराजगी

किसान नेता लक्ष्मी नारायण बघेल ने कहा कि आगरा के आलू किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज के किराये पर 10 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है, लेकिन उद्यान विभाग की लापरवाही के कारण किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

बैठक में उद्यान अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर मंत्री ने उनके प्रतिनिधि रामू को बुलाकर नाराजगी जताई। उन्होंने किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि किसानों को योजना का लाभ नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

डीएपी की कमी और ज्यादा कीमत पर बिक्री का मुद्दा उठा

किसान समिति के अध्यक्ष विष्णु चौधरी ने डीएपी वितरण में अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि खेड़ा पांचगाई उपकेंद्र पर इस साल अब तक डीएपी नहीं भेजी गई है।

इस पर मंत्री ने डीआर आदित्य कुमार और एआर सतीश कुमार को फटकार लगाई और तत्काल खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई समिति सचिव डीएपी 1,350 रुपये प्रति बोरी से अधिक कीमत पर बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

किसान नेता लाखन सिंह त्यागी ने निजी दुकानों पर भी निर्धारित दर से अधिक कीमत पर डीएपी बेचने का मुद्दा उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और जिला कृषि अधिकारी को दोषी दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि किसानों को डीएपी 1,350 रुपये प्रति बोरी की निर्धारित कीमत पर ही उपलब्ध कराई जाए।

नहरों की सफाई और गंदे पानी से फसलों को नुकसान का मुद्दा

किसान नेता सोमवीर यादव ने नहरों की सफाई में अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नहरों में सिर्फ घास काटने को ही सफाई बताया जा रहा है, जबकि कई नहरों में पानी भरा हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में सफाई के तय मानकों का पालन कैसे हो रहा है और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी कैसे मिलेगा।

उन्होंने नहरों की सफाई के काम की जांच कराने की मांग की। साथ ही टीटीएसपी से निकलने वाले गंदे पानी को खेतों तक पहुंचने से रोकने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस पानी से फसलें खराब होने का खतरा है। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्या पर गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में सैकड़ों किसान रहे मौजूद

बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल, सीडीओ, वीसी विजय कुमार, सचिव संजय कुमार, एडीएम प्रशासन बैजनाथ सिंह, एसडीएम सदर, कृषि अधिकारी विनोद कुमार, डीडी मुकेश कुमार, डीआर आदित्य कुमार दुबे, एआर सतीश कुमार और नहर विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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