

आगरा में AQI 400 पार, PM2.5 का स्तर 223 तक पहुंचा
मेट्रो निर्माण, वाहनों का धुआं और धूल बढ़ा रहे प्रदूषण
बच्चों-बुजुर्गों को सावधानी बरतने की सलाह
Diwali Air Pollution: आगरा में सर्दी की दस्तक के साथ प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रात के तापमान में लगातार गिरावट हो रही है, लेकिन दिन में लोगों के लिए ठंड से ज्यादा खराब हवा परेशानी का कारण बन रही है।
दीपावली का पांच दिवसीय पर्व शुरू हो चुका है, लेकिन पटाखों का व्यापक असर सामने आने से पहले ही आगरा की हवा बेहद खराब हो गई है। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंच गया है। यह स्थिति आम लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, आगरा में AQI 400 से अधिक दर्ज किया गया है। वहीं, PM10 का स्तर 138 और PM2.5 का स्तर 223 तक पहुंच गया है। खासतौर पर PM2.5 की बढ़ती मात्रा चिंता का विषय है। ये बेहद छोटे कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं। इससे सांस संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। पहले से बीमार लोगों के लिए भी मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।
शहर में प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई वजहें सामने आ रही हैं। आगरा में मेट्रो का निर्माण कार्य पहले से चल रहा है। इससे कई जगह यातायात प्रभावित हो रहा है। निर्माण स्थलों के आसपास उड़ती धूल, सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें और धीमी रफ्तार से चलने वाले वाहन प्रदूषण बढ़ा रहे हैं।
इसके अलावा कई स्थानों पर सड़कों की खराब स्थिति और धूल के गुबार से भी लोगों को परेशानी हो रही है। वाहनों से निकलने वाला धुआं भी हवा की गुणवत्ता खराब कर रहा है।
चिंता की बात यह है कि दिवाली पर आतिशबाजी और पटाखों का असर अभी सामने आना बाकी है। ऐसे में पहले से 400 के पार पहुंचा AQI आने वाले दिनों में और परेशानी बढ़ा सकता है। सवाल है कि जब पटाखों से पहले ही हवा इतनी खराब है तो दीपावली के बाद हालात कैसे होंगे?
बढ़ते प्रदूषण के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को लेकर जिला अस्पताल की SIC ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि प्रदूषण पहले से बीमार लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है। इससे सांस संबंधी बीमारियां बढ़ सकती हैं। अस्थमा के मरीजों को अटैक आने का खतरा भी रहता है। बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
आगरा जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजय राणा ने सलाह दी है कि पहले से बीमार लोगों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को बिना जरूरत घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क पहनकर निकलें।
उन्होंने पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और फलों का सेवन करने की सलाह दी। साथ ही बाहर के खानपान और तले-भुने खाद्य पदार्थों से परहेज करने को कहा। उन्होंने आगाह किया कि प्रदूषण से हृदय रोगियों का जोखिम भी बढ़ सकता है। गंभीर स्थिति में हार्ट अटैक की आशंका भी बढ़ जाती है।
आगरा की पहचान देश-दुनिया में पर्यटन नगरी के रूप में है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, लेकिन शहर की बिगड़ती हवा अब आम लोगों के साथ-साथ इसकी छवि के लिए भी चिंता का विषय बन रही है।
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए मेट्रो निर्माण स्थलों पर धूल रोकने, सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव करने, निर्माण सामग्री को ढककर रखने और यातायात व्यवस्था सुधारने की जरूरत है।
AQI 400 के पार पहुंचने के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। अब देखना होगा कि दीपावली के दौरान प्रदूषण रोकने के लिए जमीनी स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल सर्दी की शुरुआत के साथ ही प्रदूषण की मार ने ताजनगरी के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।