

प्रयागराजः तीर्थराज प्रयागराज में लगे दुनिया के बड़े धार्मिक सम्मेलन में उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत प्रदेश की 54 मंत्री मौजूद रहे। बैठक खत्म होने के बाद सीएम योगी ने ऐलान किया कि उत्तर प्रदेश में 7 जिलों को मिलाकर नया धार्मिक सर्किट बनाया जाएगा। इस धार्मिक सर्किट में प्रयागराज, काशी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर और भदोही जिले शामिल होंगे।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री अपने 54 मंत्रियों के साथ अरैल घाट से स्टीमर के जरिए संगम में स्नान के लिए रवाना हुए। इस दौरान रास्ते में विदेशी साइबेरियन पक्षियों एवं मछलियों को सीएम व अन्य मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने नमकीन खिलाया।
धार्मिक सर्किट के अलावा एक और अहम फैसला हुआ है। जिसमें प्रयागराज और चित्रकूट को SCR (स्टेट कैपिटल रीजन) के तर्ज पर विकसित करने के प्रस्ताव पर मुहर लगी है। प्रयागराज, वाराणसी और आगरा के म्युनिसिपल बॉन्ड जारी होंगे। टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से यूपी के 62 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का अपग्रेडेशन और 5 सेंटर्स की स्थापना की जाएगी।
मंत्रिपरिषद की बैठक में पारित प्रस्ताव में प्रयागराज के साथ पूरे क्षेत्र के सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर मुहर लगी है। उसमें कहा गया है कि जिस तरह से राजधानी लखनऊ में SCR क्षेत्र बनाया गया है। उसी प्रकार से चित्रकूट और प्रयागराज को मिलाकर विकास करेंगे। इन सब के अलावा प्रयागराज-विंध्याचल व काशी को जोड़ने वाला एक एक्सप्रेसवे भी बनाया जाएगा। प्रयागराज में फोरलेन ब्रिज को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है।
महाकुम्भ 2025 की प्रयागराज में शुरूआत 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ हो गई है। मकर संक्रांति के दिन महाकुम्भ के पहले अमृत स्नान पर्व पर उम्मीद से अधिक लगभग 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया था। अब तक 9 करोड़ से अधिक श्रद्धालु महाकुम्भ में स्नान कर चुके हैं। इसी क्रम में महाकुम्भ के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या के लिए तैयारियां पूरे जोर पर हैं। प्रयागराज रेल मण्डल ने भी मौनी अमावस्या के दिन करोड़ों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 150 से अधिक मेला स्पेशल ट्रेन चलाने की योजना तैयार कर ली है जो अपने आप में भारतीय रेलवे के लिए एक कीर्तिमान होगा।