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टायर में कौन सी हवा होती उपयोगी
टायर में हवा की कितनी मात्रा रखना होता है उपयोगी
सामान्य हवा के मुकाबले नाइट्रोजन हवा क्यों हो
What Kind Of Air Is Suitable For Tires?: कितनी भी महंगी और लग्जरी गाड़ी क्यों न ले लो बिना टायर के तो गाड़ी का कोई भी उपयोग नहीं है। गाड़ी में टायर ही रफ्तार और दूरी तय करने का माध्यम है। टायर की उपयोगिता के साथ-साथ इसके रख-रखाव के लिए हवा कि मात्रा पर भी ध्यान देना बेहद जरुरी है।
हम आप सभी जानते है कि कम हवा से टायर जल्दी घिसते हैं और गाड़ी का माइलेज गिरता है, जबकि ज्यादा हवा से पकड़ कमजोर पड़ती है और गाड़ी लहरा के चलती है। सड़क और गाड़ी के बीच मध्यस्थता की एक निर्याणक कड़ी के रुप में गाड़ी का टायर ही प्रमुख रूप से सामने आता है। गाड़ी का सड़क पर सही से चलने और गाड़ी में बैठे लोगों की सुरक्षा के लिहाज से टायर में हवा की मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
ध्यान देने वाली यहां किसी एक कार या कंपनी की बात नहीं हो रही है। यह सभी कारों के लिए जानकारी जरूरी है। इस जानकारी को महत्व सभी के लिए जरूरी है। तो आइए समझें कि अलग-अलग सेगमेंट की कारों में आमतौर पर कितना प्रेशर रखा जाता है और सही आंकड़ा कहां से मिलता है।
जब भी आप अपनी गाड़ी में हवा डलाने जाएं तो अब से ध्यान रखें। गाड़ी के टायर प्रेशर को PSI में मापा जाता है। यहां दी गई रेंज किसी खास कार या कंपनी की नहीं, सभी कारों के लिए एक अंदाजा है।
छोटी कारों में आमतौर पर करीब 30 से 32 PSI रखा जाता है। मिड-साइज सेडान में यह करीब 32 से 35 PSI होता है। कार बाजार में SUV, क्रॉसओवर और MPV जैसी भारी गाड़ियों में यह करीब 34 से 38 PSI तक हवा रखा जाता है। सबसे जरूरी ध्यान देने वाली बात गाड़ियों में आगे के मुकाबले पीछे वाली टायरों में हवा अधिक रखना चाहिए।
टायर में हवा का सही आंकड़ा आपकी कार पर ही लिखा होता है। ड्राइवर की तरफ के दरवाजे के किनारे एक हरे रंग का स्टिकर लगा होता है, जिसमें सही प्रेशर लिखा रहता है। यह फ्यूल टैंक के ढक्कन के अंदर या गाड़ी की मैनुअल बुक में भी मिल सकता है। आज के समय में एक सबसे सरल उपाय गूगल कर ले जिससे आपके गाड़ी के माडल के हिसाब से टायर में हवा रखने की सही जानकारी आप जान सकेंगे।
प्रेशर हमेशा ठंडे टायरों में नापा जाता है। यानी गाड़ी करीब तीन घंटे खड़ी रही हो या दो किलोमीटर से कम चली हो। गाड़ी सड़क के संपर्क में आने से गाड़ी का टायर गर्म हो जाता हैं और प्रेशर बढ़ जाता है। ऐसे में नापकर हवा निकालना गलत है, क्योंकि ठंडे होने पर प्रेशर कम पड़ जाएगा।
गाड़ी के टायरों के लिहाज से सामान्य हवा के मुकाबले नाइट्रोजन डलवाना ज्यादा अच्छा और सफर के लिहाज से सेफ माना जाता है। सामान्य हवा में जहां 21 फीसदी नाइट्रोजन रहता तो वहीं नाइट्रोजन में 100 फीसदी नाइट्रोजन की मात्रा होने से टायर लंबे समय तक चलता भी है और नाइट्रोजन के हिट कम होने से टायर के ब्लॉस्ट होने का खतरा भी कम रहता है।