रेलवे का नया नियम: 1 अप्रैल से बदलेंगे ट्रेन टिकट कैंसिलेशन के नियम, जानें अब कितना मिलेगा रिफंड

Train Cancellation Rules: 1 अप्रैल 2026 से ट्रेन टिकट कैंसिलेशन के नियम बदल रहे हैं। अब 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर ही रिफंड मिलेगा और बोर्डिंग स्टेशन 30 मिनट पहले तक बदल सकेंगे। नए नियम जानें।
New IRCTC Train Ticket Cancellation Rules from April 1 Check Refund and Boarding Change Details
ट्रेन टिकट कैंसिलेशन के नियम बदले (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Indian Railways Ticket Refund Policy: भारतीय रेलवे 1 अप्रैल 2026 से ट्रेन टिकटों की बुकिंग और उन्हें रद्द करने से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव करने जा रहा है जिससे आम यात्रियों की जेब पर असर पड़ेगा। ये नए नियम 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग चरणों में लागू किए जाएंगे ताकि यात्रियों को रिफंड की नई प्रक्रिया समझने में पर्याप्त समय मिल सके। IRCTC कैंसलेशन शुल्क पर ताजा अपडेट के अनुसार अब यात्रियों को टिकट रद्द करने के समय का बहुत ही बारीकी से ध्यान रखना होगा ताकि उनकी मेहनत की कमाई व्यर्थ न जाए। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य टिकटों की बुकिंग में पारदर्शिता लाना और यात्रियों को बोर्डिंग स्टेशन चुनने में अधिक लचीलापन प्रदान करना है।

रिफंड के समय में बड़ा बदलाव

रेलवे ने कंफर्म टिकट रद्द करने की समय सीमा को अब बढ़ाकर पहले के मुकाबले दोगुना कर दिया है जो यात्रियों के लिए एक चुनौतीपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है। पहले जहां ट्रेन छूटने के 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर रिफंड मिल जाता था अब उस समय सीमा को बदलकर पूरे 8 घंटे कर दिया गया है। अगर आप ट्रेन के निर्धारित समय से 8 घंटे पहले अपना टिकट कैंसिल नहीं करते हैं तो नए नियमों के तहत आपको एक भी रुपया वापस नहीं मिलेगा।

टिकट कटौती के नए स्लैब

नए नियमों के अनुसार अगर आप ट्रेन छूटने के 72 घंटे यानी तीन दिन पहले अपना टिकट कैंसिल करते हैं तो उस टिकट का पूरा पैसा वापस कर दिया जाएगा। अगर कंफर्म टिकट 24 घंटे से लेकर 72 घंटे पहले तक रद्द किया जाता है तो रेलवे कुल राशि में से 25 प्रतिशत की कटौती करेगा और साथ ही एक्स्ट्रा चार्ज भी काटे जाएंगे। सबसे अधिक नुकसान 8 से 24 घंटे के बीच टिकट रद्द करने पर होगा क्योंकि ऐसी स्थिति में यात्री को जमा राशि का केवल 50 प्रतिशत पैसा ही वापस मिलेगा।

बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा

IRCTC ने यात्रियों की सुविधा के लिए बोर्डिंग स्टेशन बदलने के पुराने नियमों में ढील दी है जिससे विशेष रूप से बड़े शहरों में रहने वाले यात्रियों को बहुत राहत मिलेगी। अब यात्री अपनी ट्रेन छूटने के निर्धारित समय से मात्र 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग पॉइंट आसानी से बदल सकते हैं जो सुविधा पहले केवल चार्ट तैयार होने तक ही मिलती थी। इस नए नियम की मदद से यात्री अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकेंगे और उन्हें स्टेशन पहुंचने की भागदौड़ से आजादी मिलेगी।

ट्रेन लेट होने पर रिफंड

अगर आपकी ट्रेन अपने निर्धारित समय से 3 घंटे या उससे अधिक देरी से चल रही है तो नए नियमों के अनुसार यात्री अपना टिकट रद्द कर पूरा रिफंड पा सकते हैं। पुराने नियमों को भी बरकरार रखा गया है जिसके तहत अगर रेलवे खुद किसी तकनीकी कारण से ट्रेन को कैंसिल करता है तो यात्रियों को उनका पूरा पैसा वापस दिया जाएगा। इन नियमों के लागू होने से यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना और भी अधिक सावधानी से बनानी होगी ताकि वे आर्थिक नुकसान से पूरी तरह बच सकें।

बदलाव लागू होने की प्रक्रिया

रेलवे के ये सभी नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लेकर 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग चरणों में पूरे भारतीय रेल नेटवर्क पर लागू कर दिए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि इस चरणबद्ध तरीके से लागू करने से तकनीकी सिस्टम पर दबाव नहीं पड़ेगा और यात्रियों को नए डिजिटल रिफंड सिस्टम की आदत हो जाएगी। यात्रियों को यह सलाह दी जाती है कि वे किसी भी भ्रम से बचने के लिए IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर इन नियमों को विस्तार से पढ़ लें।

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