42 दिनों तक रेल सेवाएं प्रभावित: वंदे भारत और शताब्दी समेत कई ट्रेनें डायवर्ट और रद्द

Train Diversion Update April 2026 : कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर मरम्मत कार्य के चलते 42 दिनों तक कई ट्रेनें डायवर्ट और रद्द रहेंगी। यात्रा से पहले NTES पर ट्रेन की स्थिति जरूर जांचें।
Train services disrupted for 42 days due to track repair work.
रेल मार्ग पर मरम्मत कार्य के चलते 42 दिनों तक कई ट्रेनें डायवर्ट। (फोटो सोर्स - सोशल मीडिया)
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Vande Bharat Route Change : अगर आप आने वाले दिनों में ट्रेन से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान रहने की जरूरत है। 2 अप्रैल से अगले 42 दिनों तक इंडियन रेलवे की कई प्रमुख ट्रेनें प्रभावित रहेंगी।

उत्तर प्रदेश के कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर गंगा पुल के ऊपर ट्रैक की मरम्मत और रखरखाव के चलते यह फैसला लिया गया है। यह रूट देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक है, ऐसे में यात्रियों को ट्रेन लेट, रद्द और डायवर्जन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

मरम्मत कार्य के चलते हुए ट्रेन रूट डॉयवर्ट

नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के अनुसार इस मरम्मत कार्य का सबसे ज्यादा असर प्रीमियम ट्रेनों पर पड़ा है। नई दिल्ली से लखनऊ जाने वाली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस (12004) को अब इटावा-कानपुर के बजाय गाजियाबाद-मुरादाबाद रूट से चलाया जाएगा। वहीं, वंदे भारत एक्सप्रेस (22426) को भी मुरादाबाद-लखनऊ के रास्ते डायवर्ट किया गया है।

हालांकि, यह ट्रेन 8, 15, 22, 29 अप्रैल और 6 मई को अपने पुराने रूट यानी कानपुर होकर ही चलेगी। इसके अलावा लोकमान्य तिलक-गोरखपुर और पनवेल-गोरखपुर जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों को प्रयागराज और अयोध्या के रास्ते डायवर्ट किया गया है।

यात्रा से पहले नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम पर करें जांच

इस दौरान स्थानीय यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ेगी, क्योंकि लखनऊ-झांसी मेमू, रायबरेली पैसेंजर, कानपुर-लखनऊ मेमू और कानपुर-सीतापुर पैसेंजर समेत करीब आधा दर्जन ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। कासगंज-लखनऊ एक्सप्रेस को अनवरगंज स्टेशन पर ही शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा, यानी यह ट्रेन लखनऊ तक नहीं जाएगी।

वहीं, आगरा फोर्ट-लखनऊ एक्सप्रेस को भी बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा। भारतीय रेलवे ने बताया है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रोजाना 8 घंटे का ब्लॉक लिया जा रहा है, जिसमें ट्रैक मरम्मत और स्लीपर बदलने का काम तेज़ी से किया जाएगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) या हेल्पलाइन 139 के जरिए ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें।

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