

Indian Rail Ticket Rules: भारतीय रेलवे ने अनारक्षित यानी जनरल टिकट पर यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक बहुत ही कड़ा और नया नियम लागू कर दिया है। अब अगर आप ट्रेन में यात्रा के दौरान अपने स्मार्टफोन में व्हाट्सएप पर मंगाया हुआ रेल टिकट दिखाते हैं, तो उसे रेलवे द्वारा बिल्कुल भी वैध नहीं माना जाएगा। ऐसे सभी यात्रियों को अब बिना टिकट मानकर रेलवे के सख्त नियमों के तहत भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
इस नए और सख्त नियम के मुताबिक अन्य किसी भी डिजिटल माध्यम से शेयर किया गया अनारक्षित टिकट अब ट्रेन यात्रा के लिए बिल्कुल भी वैध नहीं है। रेलवे ने यह बड़ा और ऐतिहासिक कदम टिकटों की बुकिंग में होने वाले फर्जीवाड़े और भारी धोखाधड़ी को पूरी तरह से रोकने के लिए उठाया है। अब सभी यात्रियों को केवल अधिकृत ऐप के जरिए ही अपना बुक किया हुआ टिकट टीटीई को यात्रा के दौरान दिखाना होगा।
रेलवे के नए और सख्त दिशानिर्देशों के अनुसार अब यात्रियों को ट्रेन यात्रा के दौरान सिर्फ RailOne ऐप पर बुक किया गया टिकट ही दिखाना होगा। व्हाट्सएप पर आया हुआ टिकट या फोन की गैलरी में रखा हुआ स्क्रीनशॉट दिखाना अब किसी भी स्थिति में रेलवे द्वारा पर्याप्त नहीं माना जाएगा। यह खास और अहम नियम RailOne ऐप के जरिए ऑनलाइन बुक किए गए सभी अनारक्षित टिकटों पर बहुत ही सख्ती के साथ लागू किया गया है।
RailOne ऐप से बुक किया गया जनरल टिकट केवल उसी रजिस्टर्ड मोबाइल फोन पर वैध माना जाएगा, जिससे वह टिकट मूल रूप से जारी हुआ हो। इसलिए आपको ट्रेन यात्रा के दौरान उस पंजीकृत मोबाइल फोन को अनिवार्य रूप से अपने साथ और चालू हालत में रखना होगा। अगर आप किसी दूसरे के फोन पर मंगाया गया टिकट दिखाते हैं तो आपको बहुत भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
रेलवे ने सिर्फ ऑनलाइन टिकट और रजिस्टर्ड मोबाइल फोन ही नहीं बल्कि एक और बहुत ही जरूरी नियम सभी आम यात्रियों के लिए पूरी तरह स्पष्ट किया है। ट्रेन में सफर के दौरान आपके पास अपना एक वैध फोटोयुक्त पहचान पत्र यानी ओरिजिनल आईडी कार्ड होना भी बेहद अनिवार्य है। बिना किसी वैध आईडी प्रूफ के पकड़े जाने पर भी रेलवे प्रशासन द्वारा आप पर उचित कार्रवाई की जा सकती है और बड़ा जुर्माना भी लग सकता है।
भारतीय रेलवे ने यह कड़ा कदम इसलिए उठाया है क्योंकि व्हाट्सएप और स्क्रीनशॉट वाले जनरल टिकटों के जरिए काफी ज्यादा फर्जीवाड़ा और अवैध यात्राएं की जा सकती हैं। कई लोग चालाकी से एक ही स्क्रीनशॉट को कई अन्य लोगों को भेजकर एक साथ अवैध रूप से ट्रेन में मुफ्त यात्रा करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में इस भारी धोखाधड़ी पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए ऐप पर टिकट और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर साथ रहना जरूरी किया गया है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक खास अधिसूचना जारी करते हुए सभी यात्रियों को नए नियमों के प्रति जागरूक किया है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब रेलवे एक्ट के तहत बहुत ही कड़ी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसलिए सभी यात्रियों को यह सलाह दी जाती है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले इन नए नियमों को अच्छे से जान लें।