

India LPG Consumption Decline: भारत में घरेलू ऊर्जा के इस्तेमाल में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच देश में घरेलू LPG की खपत करीब 16% घटकर 11.3 मिलियन टन रह गई। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 13.4 मिलियन टन था। इस गिरावट के पीछे घरेलू उपभोक्ताओं का धीरे-धीरे पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की ओर बढ़ना भी एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध के बीच वैश्विक गैस सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है। ऐसे माहौल में भारत वैकल्पिक और सुरक्षित ऊर्जा विकल्पों को बढ़ावा दे रहा है। शहरों में PNG नेटवर्क का विस्तार इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में भी LPG की खपत में 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अगस्त 2025 में देश में 2.9 मिलियन टन LPG की खपत हुई थी, जो अगस्त 2026 में घटकर 2.4 मिलियन टन रह गई।
घरेलू ईंधन के क्षेत्र में इस बदलाव का असर LPG सिलेंडरों की मांग और उनके वितरण पर भी दिखाई दे रहा है। उपभोक्ताओं के PNG की ओर बढ़ने से सिलेंडर की डिलीवरी और परिवहन से जुड़ा लॉजिस्टिक दबाव कम हो सकता है।
भारत सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियां शहरों में PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस नेटवर्क का विस्तार कर रही हैं। PNG को पारंपरिक LPG सिलेंडर की तुलना में सुविधाजनक और स्वच्छ ईंधन विकल्प माना जाता है।
PNG कनेक्शन होने पर उपभोक्ताओं को बार-बार सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी का इंतजार नहीं करना पड़ता। घर तक पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंचने से सिलेंडर भंडारण और परिवहन की जरूरत भी कम होती है।
जहां LPG की मांग में गिरावट आई है, वहीं पेट्रोल और डीजल की खपत में बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल से अगस्त के दौरान पेट्रोल की खपत 6.4 प्रतिशत बढ़कर 18.9 मिलियन टन पहुंच गई। इसी अवधि में डीजल की मांग 4.3 प्रतिशत बढ़कर 40.5 मिलियन टन रही।
अगस्त में पेट्रोल की खपत 7.9 प्रतिशत बढ़कर 3.8 मिलियन टन और डीजल की खपत 6.4 प्रतिशत बढ़कर करीब 7 मिलियन टन रही। मानसून के बदलाव के कारण किसानों द्वारा सिंचाई के लिए डीजल पंपों के इस्तेमाल को भी इसकी एक वजह बताया गया है।
भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत ने LPG आयात के स्रोतों में भी बदलाव किया है। अगस्त में अमेरिका से करीब 2.76 लाख टन LPG आयात किया गया, जबकि UAE से इस अवधि में लगभग 68 हजार टन ईंधन आया।
भारत अपनी कुल LPG जरूरत का करीब 60 प्रतिशत आयात करता है। पहले कुल गैस आयात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा खाड़ी देशों से आता था और इसकी आपूर्ति मुख्य रूप से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते होती थी।
होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका भारत के लिए कच्चे तेल और LPG का एक प्रमुख सप्लायर बनकर उभरा है। इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति और आयात स्रोतों में बदलाव की अहमियत और बढ़ गई है।