

Airport NOC Reform Process: देश के विभिन्न हवाई अड्डों के आसपास घर और व्यावसायिक इमारतें बनाने के लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी NOC प्राप्त करना जल्द आसान हो सकता है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने इस जटिल प्रक्रिया में बड़े नीतिगत बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर एविएशन सेक्टर में पारदर्शिता और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना NOC प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रस्ताव केवल 15 दिनों के भीतर तैयार करने को कहा गया है।
इस सुधार से एयरपोर्ट के आसपास निर्माण की योजना बना रहे लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान प्रक्रिया में तकनीकी मंजूरी और अलग-अलग विभागों की औपचारिकताओं के कारण कई आवेदकों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
नई व्यवस्था के तहत सरकार एक आधुनिक और पारदर्शी ऑनलाइन सिस्टम विकसित करने पर विचार कर रही है। इसके माध्यम से आवेदकों को शुरुआती चरण में ही यह जानकारी मिल सकेगी कि संबंधित क्षेत्र में कितनी अधिकतम ऊंचाई तक भवन निर्माण की अनुमति है।
दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में भवन ऊंचाई से जुड़ा तकनीकी डेटा ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध कराने की योजना पर चर्चा की गई है। इससे लोगों को निर्माण शुरू करने से पहले ही आवश्यक नियमों और प्रतिबंधों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
बैठक में NOC जारी करने की कुछ प्रक्रियाओं को स्थानीय नगर निकाय स्तर पर स्थानांतरित करने के विकल्प पर भी विचार किया गया। इससे लोगों को अलग-अलग सरकारी विभागों के चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है।
सरकार एरोनॉटिकल स्टडी के लिए होने वाले फिजिकल साइट वेरिफिकेशन की समय लेने वाली प्रक्रिया को भी सीमित करने पर विचार कर रही है। डिजिटल तकनीक और ऑनलाइन डेटा के बेहतर इस्तेमाल से मंजूरी की प्रक्रिया तेज की जा सकती है।
वर्तमान में ऑनलाइन NOCAS प्रणाली हवाई सुरक्षा नियमों के तहत VFR संचालन के लिए हवाई अड्डों के 20 किलोमीटर और IFR संचालन के लिए 56 किलोमीटर तक के क्षेत्रों को कवर करती है। इस बड़े दायरे में आने वाली कई आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं को NOC की जरूरत पड़ती है।
लंबे भौगोलिक कवरेज और तकनीकी जांच के कारण कई निर्माण परियोजनाओं की मंजूरी में देरी की समस्या सामने आती रही है। प्रस्तावित सुधारों का उद्देश्य इसी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाना है।
राममोहन नायडू ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि हवाई सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। साथ ही NOC प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाया जाए।
अगर प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं तो दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद समेत देश के कई हवाई अड्डों के आसपास रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। इससे रियल एस्टेट और निर्माण क्षेत्र में निवेश को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
नई नीति का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य हवाई सुरक्षा बनाए रखते हुए निर्माण मंजूरी की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी को कम करना है, ताकि नागरिकों और डेवलपर्स दोनों को समय पर स्पष्ट जानकारी और मंजूरी मिल सके।